दो जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकाप्टर का उपयोग करने वाले श्रद्धालुओं को एडवांस रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ पीके त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे यात्रियों की हेलीकाप्टर टिकट को ही रजिस्ट्रेशन माना जाएगा, लेकिन श्राइन बोर्ड के निर्धारित डाक्टरों से उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध करवाना होगा। उन्होंने कहा कि बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के यात्रियों को बोर्डिंग पास नहीं दिया जाएगा।
इस संबंध में कड़ाई से निर्देशों का पालन होगा। यात्रा के दौरान हेलीकाप्टर सेवा के संचालन को लेकर बोर्ड के अधिकारियों ने सोमवार को विमान कंपनियों के साथ बैठक की, जिसमें बोर्ड के एडिशनल सीईओ जितेंद्र सिंह, डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन, नई दिल्ली के प्रतिनिधि, ग्लोबल वेक्टरा हेलीकोरप लिमिटेड, पवन हंस लिमिटेड, हिमालयन हेली सर्विस लिमिटेड के अफसर और श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन के चीफ आपरेशन अफसर उपस्थित थे।
हेली सर्विस के संचालन के लिए एयर ट्रैफिक सर्विस के पैरामीटर के तहत स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर पर विचार किया गया। 20 मार्च, 2015 से शुरू हुई हेलीकाप्टर टिकटों की बुकिंग की भी समीक्षा की गई। हेली आपरेटरों ने श्रीनगर, पहलगाम और नीलग्राथ में अपने कार्यालय स्थापित कर लिए हैं। यहां आनलाइन बुकिंग भी जारी है।
इस बार पवन हंस और ग्लोबल वेक्टरा के हेलीकाप्टर नीलग्राथ-पंजतरणी-नीलग्राथ सेक्टर में और हिमालयन हेली के हेलीकाप्टर पहलगाम-पंजतरणी-पहलगाम सेक्टर में उड़ान भरेंगे। नीलग्राथ से एकतरफा किराया 1950 रुपये और पहलगाम से 4190 रुपये निर्धारित किया गया है। सीईओ त्रिपाठी ने विमान कंपनियों को स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए। अन्यथा विमान कंपनियों को गंभीर परिणाम भुगतने होेंगे।