तलाशी अभियान में मल्टी बीम सोनार, साइड स्कैनर, रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल समेत पानी के नीचे काम करने वाले कई उपकरणों से काम लिया जा रहा है। अत्याधुनिक मशीनों को चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई और कोच्ची से मंगवाया गया है। खराब मौसम में भी सेना, वायुसेना, नौसेना, एनडीआरएफ व अन्य संस्थाएं ऑपरेशन चला रही हैं।
इस ट्वीट से दी अभियान की जानकारी
नील नामक शख्स ने ट्विटर पर लिखा - मेरा भाई कैप्टन जयंत जोशी मंगलवार दो अगस्त को हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद से लापता है। एक सप्ताह बाद भी उन्हें खोजा नहीं जा सका है। तलाशी अभियान बेहद धीमा चल रहा है। मेरी मां ने 40 साल तक सेना में सेवाएं दी हैं। सैन्य परिवार की दूसरी पीढ़ी पिछले एक सप्ताह से ऐसी घड़ी का सामना कर रही है, जहां अब कोई उम्मीद भी नजर नहीं आ रही।