संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। मार्च में गेहूं की फसल को बारिश की तीसरी मार लग चुकी है। दो बार हुई तेज बारिश और आंधी से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई थी। अब फिर से बारिश हो जाने के कारण फसल का उत्पादन इस बार कम होना लगभग तय है।
शुक्रवार रात शुरू हुई बारिश शनिवार दोपहर तक जारी रही, जिसके चलते खेतों में पानी भर गया, और फसलों को काफी नुकसान हुआ। अब किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिन क्षेत्रों में बारिश होने से खेतों में पानी जमा हो जाता है, वहां गेहूं की फसल की बर्बादी लगभग तय है। अगर मौसम की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो 2 साल पहले बर्बाद हुई धान की फसल का मंजर फिर से सामने आ जाएगा। इस समय अरनिया क्षेत्र में बारिश की जरूरत नहीं है। लोग बारिश बंद होने की दुआ मांग रहे हैं। पंचायत परलाह के पंच और किसान दर्शन कुंडल ने सरकार से मांग की कि बिन मौसम बारिश के चलते खेतों में फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसका सर्वे करवाया जाए, और नुकसान की भरपाई की जाए।
किसान यशपाल सैनी, भवानी शर्मा, आदि ने कहा कि बारिश से पहले इस बार गेहूं की फसल प्रति कनाल ढाई क्विंटल से तीन क्विंटल पैदावार के कयास लगाए जा रहे थे। परंतु, बारिश की तीसरी मार से यह पैदावार एक से डेढ़ क्विंटल तक सीमित हो जाएगी।