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जम्मू-कश्मीर: भारी बारिश... कठुआ में नेशनल हाइवे पर ट्रैफिक बंद; 72 घंटे में बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी

Sun, 24 Aug 2025 12:24 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश हो रही है। कठुआ में नेशनल हाइवे के दोनों पुलों पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। अगले 72 घंटे में बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
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Heavy rain in Jammu - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश जारी है। भारी बारिश के कारण जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। दूसरे पुल पर भी खतरे को देखते हुए ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। वैकल्पिक मार्ग भी ठप है। मौसम खुलने पर ही यातायात बहल होगा। 
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कठुआ जिले में भारी बारिश फिर तबाही लेकर आई है। मगर खड्ड और सहार खड्ड उफान पर है। निचले इलाकों के लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर खड्ड का पुल गिरने की कगार पर है, इसलिए हाईवे स्थित पुल पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। 

आयुष विभाग की इमारत बाढ़ से जमीन धंस गई है। पहाड़ी इलाकों में भी सड़क संपर्क ठप हो गया है। पुरमंडल में देविका नदी का जल स्तर बढ़ने से एक मोहल्ले को खतरा बढ़ गया है।
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जम्मू-कश्मीर में 72 घंटे में बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी
मौसम के रुख को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के लिए अगले 72 घंटे चुनौती भर रहेंगे। मौसम विज्ञान विभाग ने इस दौरान बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
 

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। आपात स्थिति से निपटने को हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

 

खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर जम्मू संभाग में देखने को मिलेगा। पूरे संभाग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जम्मू, कठुआ, डोडा, कुलगाम, अनंतनाग, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रामबन, रियासी, सांबा और उधमपुर में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
 

इन जिलों में बेवजह यात्रा न करने की सलाह दी गई है। नेशनल हाईवे पर ऊंची पहाड़ियों से पत्थर गिरने और भूस्खलन की संभावना रहेगी। खराब मौसम का प्रभाव 26 अगस्त तक बना रहेगा।

 

अस्पतालों को अलर्ट किया गया: स्वास्थ्य विभाग ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों को ग्रामीण स्तर तक के अस्पतालों में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में एंबुलेंस और जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक करने के निर्देश दिए गए हैं। 

 

स्वास्थ्य विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। जो कर्मचारी अब तक अवकाश पर थे उन्हें भी तत्काल ड्यूटी पर वापस बुला लिया गया है। जम्मू प्रशासन ने राजस्व, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, शहरी विकास विभाग, जलशक्ति और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग को तैयार रहने को कहा है।
 

मुश्किल में हैं तो यहां करें संपर्क
प्रशासन ने जम्मू में आपात केंद्र बनाया है। यह 24 घंटे खुला रहेगा। कोई भी मुश्किल आने पर 0191-2571616 और 0191-2520542 पर तुरंत संपर्क करें। प्राकृतिक आपदा आने की स्थिति में 112 पर भी मदद मांगी जा सकती है।

 

किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग बंद
किश्तवाड़। किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हो गया। आशंका जताई जा रही है कि पहाड़ी पर बादल फटने से सिनथन में नाले में जलस्तर बढ़ गया होगा। इससे मार्ग टूट गया। पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। इससे खतरा पैदा हो गया हे। जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है कि कोई भी व्यक्ति नदी-नाले के करीब ना जाए।
 

राजदान टॉप पर बर्फबारी
उत्तरी कश्मीर में बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले एकमात्र मार्ग पर राजदान टॉप में शनिवार दोपहर में हल्की बर्फबारी हुई। हालांकि, यातायात में कोई रुकावट नहीं हुई।
 

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। कई जिलों में हालात बेकाबू हो गए हैं। बारिश ने न सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, बल्कि पुल, सड़कें और सरकारी इमारतें भी इसकी चपेट में आ गई हैं। सबसे ज्यादा असर कठुआ, सांबा, बनी- बसोली, और गुरेज इलाकों में देखने को मिला है।

कठुआ में हालात गंभीर, रावी नदी खतरे के निशान से ऊपर
कठुआ जिले में खड्ड उफान पर हैं। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाइवे पर स्थित सहार खड्ड का पुल गिरने की कगार पर है, जिसके चलते हाईवे को बंद कर दिया गया है। यह पुल रोजाना 35 से 40 हजार वाहनों का रास्ता है।

आयुष विभाग की इमारत के नीचे की जमीन भी बारिश से धंस गई है। पठानकोट जाने वाला ओल्ड सांबा, कठुआ वैकल्पिक मार्ग का भी एक हिस्सा बह गया है। कोटपुन्नू में उज्ज दरिया पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त है।

बसोली महानपुर मार्ग बाधित, गर्भवती महिला एम्बुलेंस में फंसी
बसोली बनी मार्ग पर भारी भूस्खलन और मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप है। सुबह 3 बजे से एक गर्भवती महिला एंबुलेंस में फंसी हुई है, जिसे अस्पताल ले जाया जा रहा था।

सांबा में गांवों में घुसा पानी, दर्जनों लोग बेघर
सांबा जिले में भी हालात भयावह हैं। मानसर- उधमपुर मार्ग बंद हो गया है। चक मंगा वार्ड 13 में कमर तक पानी भर गया, जिसके चलते दर्जनों लोगों को घर छोड़कर कम्युनिटी हॉल में शिफ्ट किया गया है।

लोगों का आरोप है कि इलाके में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें हर बार बारिश में परेशान होना पड़ता है।

श्रीनगर और गुरेज में बादल फटा, भूस्खलन से मार्ग बंद
कश्मीर में शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। गुरेज-बांदीपोरा मार्ग पर बादल फटने और भूस्खलन के कारण यह रास्ता 6 घंटे तक बंद रहा। हालांकि, रविवार सुबह 5 बजे के करीब मार्ग खोला गया और फंसे यात्रियों को राहत मिली।
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जम्मू में टूटा 100 साल का बारिश रिकॉर्ड
जम्मू शहर में बीते 24 घंटों में 190.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त महीने में पिछले 100 वर्षों में दूसरी सबसे अधिक है। इससे पहले, 5 अगस्त 1926 को 228.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

जम्मू शहर में जलभराव, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बारिश के कारण आईआईआईएम हॉस्टल में पानी घुस गया। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले छात्रों के डॉक्युमेंट्स और सामान खराब हो गए। SDRF टीम ने 100 से अधिक छात्रों को रेस्क्यू किया है। संस्थान के डायरेक्टर ने सभी छात्रों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है।

कैनाल रोड, पीर खो, संजय नगर, सर्कुलर रोड समेत कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। गांधी नगर पुलिस लाइन के पास नाले में एक ऑटो बह गया।

मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वह नदियों, खड्डों और जलाशयों के पास न जाएं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन कई जगहों पर स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

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