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पार्सल बम भेजने वाले बीएसएफ जवान की जमानत अर्जी खारिज

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जम्मू। पार्सल में विस्फोटक भेजकर सीनियर अफसर की जान लेने की कोशिश करने वाले बीएसएफ कर्मी की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। सांबा के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पास समर पाल निवासी पैरागचा, हुगली बंगाल ने जमानत अर्जी दायर की थी। सीजेएम अजय गुप्ता ने अर्जी पर सुनवाई की। जज ने महसूस किया कि आरोपी ने अपने सीनियर अफसर की जान लेने की कोशिश की। इसके लिए ऐसा तरीका अपनाया, जो पूरे देश में बड़ा भ्रम पैदा कर सकता था। यह भी संभव है कि आरोपी को अगर जमानत दे दी गई तो वह देश विरोधी ताकतों के हाथों में जा सकता है। जिससे समाज को खतरा है। ऐसे में जमानत नहीं दी जा सकती। इससे पहले कोर्ट ने दोनों तरफ की दलीलें सुनीं।
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सांबा में अपने अफसर की जान लेना चाहता था
बता दें कि बीएसएफ कर्मी समर पाल विस्फोटक विशेषज्ञ है। बीएसएफ की विशेष विंग में वह तैनात था। उसने अपने सीनियर अफसर की जान लेने के लिए सांबा में बीएसएफ बटालियन में एक पार्सल भेजा। हालांकि यह प्रयास विफल कर दिया गया। इस घटना के बाद पहली नजर में यहीं सामने आया कि पाकिस्तान की तरफ से यह नापाक हरकत की गई है। पाकिस्तान ने बीएसएफ अफसर की जान लेने की कोशिश की। लेकिन जब बाद में जांच हुई तो पता चला कि यह बीएसएफ के ही एक कर्मी की हरकत है। जज ने कहा कि यह एक संगीन अपराध है। मामले की जांच अभी अधूरी है। यदि आरोपी को छोड़ा गया तो वह मामले की जांच को बाधित कर सकता है। वह स्थानीय निवासी भी नहीं है। एक बार छोड़ा तो दूसरी बार पकड़ने में भी दिक्कत आएगी। ऐेसे में जमानत नहीं दी जा सकती। जेएनएफ
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