सीपीआर की जानकारी देतीं डॉ. रीता कुमारी और उनकी टीम स्रोत - स्वयं
- ट्रैफिक पुलिसकर्मियों, आम लोगों और स्वयंसेवकों को आपात स्थिति में मदद करने के तरीके बताए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। दिल का दौरा पड़ने पर शुरुआती मिनटों में मिलने वाली मदद किसी की जान बचाने में अहम हो सकती है। ऐसे समय में मरीज की मदद कैसे करें, इसकी जानकारी देने के लिए भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जम्मू-कश्मीर ने बीते मंगलवार से शनिवार तक सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों, आम लोगों और रेडक्रॉस के कर्मचारियों व स्वयंसेवकों को सीपीआर और प्राथमिक उपचार के बारे में बताया गया।
इसके तहत जेडीए पार्किंग कॉम्प्लेक्स में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों, रूप नगर की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी स्थित में आम लोगों और कच्ची छावनी स्थित रेडक्रॉस भवन में कर्मचारियों व स्वयंसेवकों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इनमें दिल का दौरा पड़ने के संकेत पहचानने, तुरंत चिकित्सा सहायता बुलाने और जरूरत पड़ने पर सीपीआर देने की जानकारी दी गई।
सीपीआर से डॉक्टर या एंबुलेंस के पहुंचने तक शरीर में रक्त का बहाव और जरूरी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद मिल सकती है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को खास तौर पर जागरूक किया गया क्योंकि सड़क हादसों और अन्य आपात स्थितियों में वे अक्सर सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। जानकारी देने वालों में में मेडिकल ऑफिसर डॉ. रीता कुमारी, डॉ. मनप्रीत कौर और फील्ड ऑफिसर वेरोनिका मारवाह शामिल रहीं।