- जीएमसी जम्मू और विश्वविद्यालय ने लगाया निशुल्क जेनेटिक काउंसलिंग एवं जागरूकता कैंप
- कैंप में 70 नमूने लिए गए, आनुवंशिक जांच और परिवार स्क्रीनिंग के महत्व पर दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू और जम्मू विश्वविद्यालय के सहयोग से एसएमजीएस अस्पताल की जेनेटिक लैब एवं थैलेसीमिया यूनिट में शनिवार को थैलेसीमिया और दुर्लभ आनुवंशिक रोगों पर निशुल्क जेनेटिक काउंसलिंग एवं जागरूकता कैंप लगाया गया। कैंप का उद्देश्य आनुवंशिक रोगों की समय पर पहचान, उचित जांच और प्रभावित परिवारों को परामर्श उपलब्ध कराना था।
कैंप का उद्घाटन जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. (प्रो.) आशुतोष गुप्ता ने किया। उन्होंने थैलेसीमिया और दुर्लभ आनुवंशिक रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में जेनेटिक काउंसलिंग के महत्व पर जोर दिया। कैंप में 35 परिवारों की स्क्रीनिंग की गई और 70 नमूने लिए गए।
जीएमसी जम्मू के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) संजीव के. डिगरा और जम्मू विश्वविद्यालय के डॉ. परविंदर कुमार ने आनुवंशिक जांच और काउंसलिंग की उपयोगिता समझाई। प्रभावित परिवारों को बीमारी की आनुवंशिक प्रकृति, कैरियर डिटेक्शन, जांच और भविष्य की पारिवारिक योजना से संबंधित जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग से वित्त पोषित ‘मिशन प्रोग्राम इन पीडियाट्रिक्स रेयर डिजीज’ के तहत हुआ। इसमें जीएमसी जम्मू, जम्मू विश्वविद्यालय, जेएंडके थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी और आईएपी जम्मू सिटी ब्रांच की सहभागिता रही।