37 बेटे और 34 बेटियों ने बढ़ाई खुशियों की सौगात, नन्हे महमानों के आगमन से परिवारों और अस्पताल म
- 37 बेटे और 34 बेटियों के जन्म से परिवारों में खुशियां, यादगार बना पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जहां मंदिरों में नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारे गूंजते रहे, वहीं शालामार अस्पताल में भी नन्ही किलकारियों ने इस पावन पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया। जन्माष्टमी के दिन अस्पताल में 71 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें 37 बेटे और 34 बेटियां शामिल हैं। नन्हे मेहमानों के आगमन से 71 परिवारों में उत्सव का माहौल बन गया।
श्रीकृष्ण जन्म की आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़े इस पर्व पर बच्चे का जन्म परिजनों के लिए विशेष खुशी का अवसर रहा। कई परिवारों ने जन्माष्टमी के दिन अपने घर आए बेटे या बेटी को भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद माना। परिजन के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। अस्पताल परिसर में नवजात की किलकारियों के बीच परिवार एक-दूसरे को बधाइयां देते नजर आए। जन्माष्टमी का दिन इन परिवारों के जीवन में हमेशा के लिए एक खूबसूरत स्मृति बन गया।
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34 बेटियों के आगमन ने दिया खुशियों का संदेश
जन्माष्टमी पर जन्मे 71 नवजात में 34 बेटियों का होना भी सुखद संयोग रहा। बेटियों के जन्म पर परिवारों ने खुशी जताई और इसे घर में नई खुशियों के आगमन का अवसर बताया। 37 बेटों के जन्म ने भी परिवारों की खुशियां बढ़ाईं। धार्मिक मान्यता में श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म पर धर्म और अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है। ऐसे पावन पर्व पर अस्पताल में एक साथ 71 नवजातों का जन्म कई परिवारों के लिए नई उम्मीद, प्रेम और खुशियों की शुरुआत लेकर आया। माताओं और नवजात की देखभाल में अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी भी जुटे रहे।
37 बेटे और 34 बेटियों ने बढ़ाई खुशियों की सौगात, नन्हे महमानों के आगमन से परिवारों और अस्पताल म