जम्मू। मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब शाम को सरकारी अस्पतालों में वरिष्ठ सलाहकारों के उपलब्ध नहीं होने की उनकी शिकायत दूर होगी। जम्मू और उधमपुर के अन्य अस्पतालों सहित संभाग के आठ जिलों में दस दिन के भीतर सांध्यकालीन (इवनिंग) ओपीडी शुरू करने की तैयारी है। इसमें जिला स्तर के अस्पतालों सहित मेडिकल कॉलेज शामिल हैं, जहां पर रात सात से दस बजे तक चिकित्सा सलाहकार उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ रविवार को भी डेंटल की विशेष ओपीडी की व्यवस्था की जाएगी।
इस व्यवस्था से जिला अस्पतालों से शहरी अस्पतालों में रेफर सिस्टम पर भी अंकुश लग सकेगा। वर्तमान में सरकारी अस्पताल गांधीनगर, सरवाल और जिला अस्पताल उधमपुर में सांध्यकालीन ओपीडी जारी है। इसमें रात्रि में चिकित्सा सलाहकारों को रोटेशन स्तर पर तैनात किया जा रहा है। अब जम्मू जिले के अन्य अन्य अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में भी सुविधा को शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्पतालों में खासतौर पर रात्रि के समय पहुंचने वाले मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। मरीजों की अक्सर शिकायत रही है कि सरकारी अस्पतालों में दोपहर के बाद वरिष्ठ सलाहकार उपलब्ध नहीं होते हैं। रात के समय तो सिर्फ पीजी या जूनियर डॉक्टरों के सहारे ही चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं। ऐसे में मरीज को उचित इलाज नहीं मिल पाता।
अगर चिकित्सा केंद्र में चिकित्सा सलाहकार उपलब्ध होता है तो मरीज को उचित इलाज मिल सकता है। इसके साथ छोटी-मोटी बीमारी के लिए रेफर प्रथा पर भी रोक लगेगी। कोविड महामारी के बाद लोगों में शारीरिक और मानसिक समस्याएं बढ़ी हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में तीन संक्रमितों में से एक को मानसिक समस्याओं की शिकायत हुई है। गांधीनगर अस्पताल में इवनिंग ओपीडी के साथ रविवार को विशेष डेंटल ओपीडी की सेवाएं भी दी जा रही हैं, जिससे मरीजों को पूरे सप्ताह डेंटल सेवाएं मिल रही हैं। इसके साथ साप्ताहिक स्तर पर फिजियोथेरेपी सेवा भी दी जा रही है।
जम्मू सहित संभाग के सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में अगले दस दिन के भीतर सांध्यकालीन ओपीडी शुरू करने की योजना है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें रोटेशन स्तर पर सलाहकारों की तैनाती की जाएगी।
- डॉक्टर सलीम-उर-रहमान, स्वास्थ्य निदेशक जम्मू एवं डीजी