जम्मू। जीएमसी और अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों चयनित हुए 84 रजिस्ट्रार और डेमोनस्टेयर्स से चिकित्सा देखभाल सेवाएं मजबूत होंगी। इसमें नवनियुक्त डाक्टरों को बाल, स्त्री, एनेस्थीसिया सहित अन्य यूनिटों में भेजा जा रहा है। इसके अलावा कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहे एमसीएच गांधीनगर अस्पताल में गैर कोविड चिकित्सा सेवाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नवनियुक्त रजिस्ट्रार और डेमोनस्टेयर्स को वहां भेजा जा रहा है। इसमें प्रमुख रूप से जच्चा बच्चा और एनेथीसिया यूनिट को मजबूत बनाया जाएगा। जीएमसी की प्रिंसिपल डा. शशि सूदन का कहना है कि नए रजिस्ट्रार और डेमोनस्टेयर्स से एसोसिएटेड अस्पतालों में विभिन्न यूनिटों में डाक्टरों की कमी दूर होगी। इससे चिकित्सा प्रबंधन मजबूत होगा।
200 बिस्तर वाले एमसीएच गांधीनगर अस्पताल को गैर कोविड अस्पताल के रूप में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रजिस्ट्रार, डेमोनस्टेयर्स सहित अन्य स्टाफ की मांग की गई थी जिसके लिए चयन प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। अस्पताल में जच्चा-बच्चा चिकित्सा देखभाल के लिए चार ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं। मौजूदा समय में शहर के प्रमुख जच्चा-बच्चा अस्पताल एसएमजीएस पर ही प्रसव और बाल चिकित्सा का लोड है। एमसीएच में पूर्ण रूप से नई व्यवस्था शुरू होने से खासतौर पर गांधीनगर निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को बेहतर जच्चा-बच्चा चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि एमसीएच में गैर कोविड जच्चा-बच्चा चिकित्सा सेवाएं जल्द शुरू की जाएंगी।