जम्मू। कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर जीएमसी जम्मू की तर्ज पर लेवल-1 के रूप में काम करेगा। इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जा रहा है। अस्पताल में कोविड संक्रमित के अलावा सामान्य मरीजों को सर्जरी के साथ अन्य चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल के तीसरी और चौथी मंजिल को सेंट्रल वातानुकूलित किया जा रहा है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। तीसरी लहर की सूरत में इस अस्पताल को पूरी तरह से कोविड अस्पताल के तौर पर प्रयोग में लाने की योजना है।
कोविड की पहली लहर में 200 बिस्तर वाले एमसीएच अस्पताल गांधीनगर में क्वारंटीन और सामान्य श्रेणी के कोविड संक्रमित मरीजों को रखा गया। दूसरी लहर में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर इस अस्पताल में प्रसव के साथ अन्य सर्जरी शुरू की गईं। कोविड के पीक पर रहने पर इस अस्पताल में 150 से अधिक मरीज एक साथ भर्ती रहे। लेकिन तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पताल को लेवल-1 के तौर पर तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में डीआरडीओ की ओर से 1000 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) की क्षमता वाले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को स्थापित किया जाएगा। इसमें नेशनल हाईवे अथारिटी की ओर से सिविल कार्य किए जाएंगे। इससे पहले अस्पताल में अपना 1000 एलपीएम वाला आक्सीजन जनरेशन प्लांट है और गांधीनगर पुराने अस्पताल से भी 1000 एलपीएम ऑक्सीजन की सप्लाई ली जा रही है।
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निकू, पिकू यूनिटों का विस्तार होगा
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि तीसरे और चौथे फ्लोर में वातानुकूलित का काम जुलाई के अंत तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पूरा अस्पताल वातानुकूलित हो जाएगा। निकू, पिकू यूनिट का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में 172 बिस्तर कोविड मरीजों के लिए रखे गए हैं। मौजूदा अस्पताल में एकमात्र ही कोविड संक्रमित मरीज भर्ती है।