जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनावों में देरी के मामले में पूर्व मंत्री एवं आप के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष देव सिंह ने सोमवार को सरकार और चुनाव आयोग पर हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने जाहिर तौर पर इस साल कई अन्य राज्यों में उपचुनाव के अलावा देश के नौ राज्यों में चुनाव कराने पर ध्यान दिया है। जबकि, जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार की बहाली सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग की अंतिम प्राथमिकता प्रतीत होती है। हर्ष देव सिंह चिनैनी विधानसभा क्षेत्र के गांव टंडार और मंडल में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे।
आप नेता ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र की बहाली पर सभी चर्चाएं अंतत: पंचायत और नगरपालिका चुनावों के तथाकथित सफल आयोजन में समाप्त हो जाती हैं। जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार स्थापित करने के लिए कोई गंभीर प्रयास किए बिना भाजपा शासन में लोकतंत्र की अवधारणा को स्थानीय निकाय चुनावों तक सीमित कर दिया गया है। अब एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाने के बारे में एक शब्द भी बोले बिना निकट भविष्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के बारे में संकेत दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को समय से पहले अपना कार्यकाल समाप्त करने और उनके चुनाव पूर्व-निर्धारित करने के किसी भी मनमाने निर्णय का डटकर मुकाबला किया जाएगा। विधानसभा चुनावों में देरी ने प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है और राजनीतिक दलों को बदनाम और हतोत्साहित किया गया है। भाजपा प्रदेश में अपने छद्म शासन को जारी रखकर सभी शक्तियों को अपने पास रखना चाहती है।