कश्मीर में हिंसा भड़का रहे अलगाववादियों पर सरकार सख्ती के मूड में दिख रही है।
बुधवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कश्मीरी अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवादियों और अलगाववादियों को एक ही चश्मे से देखने की जरूरत है। अलगाववादियों पर भी देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
हंसराज अहीर ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि सर्वदलीय समिति के कुछ सदस्यों से अलगाववादियों ने बुरा व्यवहार किया उससे हम दुखी हैं। उनका व्यवहार ठीक नहीं था। उनको दी जाने वाली सभी सुविधाएं केंद्र सरकार को वापस लेनी चाहिए। केंद्र सरकार जल्द ही इस मसले पर अहम फैसला लेगी।
बंद हो सकती है अलगाववादियों को मिलने वाली सुविधा
कश्मीर के अलगाववादी नेता
- फोटो : File Photo
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व गृह सचिव आरके सिंह के की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि अलगाववादियों को जेल में डाला दिया जाना चाहिए और उनके साथ आतंकियों जैसा सलूक किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इन दिनों अलगाववादियों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं को बंद करने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। अभी तक अलगाववादियों को हवाई टिकट, कश्मीर के बाहर जाने पर होटल और वाहनों आदि की सुविधा दी जाती है। अलगाववादियों को सुरक्षा में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।
'अलगाववादियों में हिम्मत है तो अपने घरों में सो के दिखाएं'
लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
वहीं इससे पहले महबूबा ने अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर अलगाववादियों में हिम्मत है तो अपनों घरों में सो के दिखाएं। न कि यहां-वहां बच्चों को बरगलाते और भड़काते हुए घूमें।
उन्होंने ने कहा कि अलगाववादियों के अपने बच्चे विदेशों में सुरक्षित हैं। गरीबों के बच्चों को वो गोलियां खाने के लिए उकसाते हैं।
सीएम महबूबा ने कहा कि अगर एक भी अलगाववादी का बच्चा हिंसा में घायल हुआ हो तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगी। वे उजाला योजना के लांचिंग के मौके पर लोगों को संबोधित कर रहीं थी।
दरअसल आजकल हिंसा के चलते अलगाववादी गिरफ्तारी के डर से अपने घरों में नहीं रह रहे हैं। इसी के चलते महबूबा ने उनपर निशाना साधा।