बारहवीं कक्षा के अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के नतीजों में देरी से सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकारी और निजी कालेजों में बारहवीं के एक विषय में असफल विद्यार्थियों ने दाखिले लिए थे। लेकिन बाढ़ व अन्य कारणों से बारहवीं के पेपर बी के आयोजन में देरी हुई और अब तक नतीजे घोषित नहीं किए गए हैं।
दूसरी ओर स्नातक पहले वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की आगामी बीस मई को परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। लेकिन बारहवीं के नतीजे न आने से विद्यार्थियों को रोल नंबर जारी नहीं किए गए हैं। इसे लेकर विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शहर और आसपास के विभिन्न कालेजों में बारहवीं के एक विषय में असफल विद्यार्थी स्नातक पहले वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ माह पहले पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित हुईं। लेकिन बारहवीं के पेपर बी का हाल ही में आयोजन किया गया है।
जिसके नतीजे आने बाकी हैं। इस बीच स्नातक पहले वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की भी विद्यार्थियों ने तैयारी कर ली थी। मगर बारहवीं का विषय क्लीयर न होने से उन्हें रोल नंबर जारी नहीं किए जा रहे हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी प्रताप सिंह ने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय और जेके स्कूली बोर्ड के अधिकारियों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर विद्यार्थी दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं में नहीं बैठेंगे तो उनका एक साल खराब हो जाएगा।