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जम्मू में चोटी कटने का एक और मामला, सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म

Mon, 28 Aug 2017 10:00 PM IST
श्रेयांश त्रिपाठी,अमर उजाला/जम्मू
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चोटी कटने का मामला - फोटो : डेमो फोटो
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गांवों के बाद जम्मू शहर के संजय नगर स्थित सेक्टर चार में चोटी कटने की घटना सामने आई है। इससे स्थानीय लोगों में डर बना हुआ है। लोग इस घटना को जादू टोना या वायरस से जोड़कर देख रहे हैं। घर से कूड़ा फेंकने को निकली बचनो देवी जब घर पहुंची तो उन्हें गेट के पास तेज शोर सुनाई दिया। इससे पहले कुछ समय पाती कि वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
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अचानक हुई इस घटना पर घर के लोग पास पहुंचे। उन्होंने देखा तो वह बेहोश पड़ी थी और उनकी चोटी के बाल कटे हुए थे। परिवार को लोगों ने इस बारे में पुलिस को बताया। वह आननफानन में बचनो देवी को डाक्टर के पास ले गए। चिकित्सक ने बताया कि महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और उन्हें तनाव होने की बात पता लगी। 

वहीं शहर में हुई इस घटना के बाद से ही देर शाम कई इलाकों में अफवाह फैलने की बात सामने आई। कई इलाकों में ये कहा गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मेसेज के बाद लोग मंदिरों में नारियल चढ़ाने जा रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य तरह की अफवाहें फैलने की बात भी सामने आई।
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सोशल मीडिया के जरिए की जा रही है अफवाहों से बचने की अपील

सोशल मीडिया - फोटो : डेमो फोटो
वहीं चोटी कटने के तमाम मामले सामने आने के बाद समाजिक संगठनों द्वारा इस बारे में फैल रही अफवाहों पर रोकथाम लगाने के लिहाज से पूरा कैंपेन चलाया जा रहा है। इस काम के लिए सोशल मीडिया पर बकायदा पेज बनाकर लोगों को जागरूक किया ही जा रहा है साथ ही लोगों के बीच जाकर भी इस बारे में पूरी तरह से उन्हें जागरूक किया जा रहा है। 

इसकी शुरुआत करने वाले जाने माने काशी हिंदू विवि के न्यूरोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विजय नाथ मिश्र कहते है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अफवाहों को ज्यादा सुना जा रहा है। चोटी कटने के मामलों में गांवों में साक्षरता की कमी के कारण कई बार लोगों में दहशत फैल रही है लेकिन चोटी कटने के मामले में किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

वो बताते हैं कि पिछले दिनों उन्होंने कई चिकित्सकों और समाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ मिलकर अफवाहों की रोकथाम के लिए काम करना शुरु किया है। इसमें बड़ी संख्या में गांवों में जागरूकता कैंपेन भी चलाए गए हैं जिसके कारण बड़े स्तर पर इन अफवाहों को रोक पाने में कमी भी आई है। 
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