स्काटलैंड के ग्लासगो शहर में चल रही कामनवेल्थ गेम्स में जिमनास्टिक में पहली बार रियासत की बेटियां भाग ले रही हैं। भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रही वंडर गर्ल मिताली और पलक कौर बिजराल ने रिधमिक वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया।
इसमें हूप, क्लब, रिबन और बाल वर्ग में टीम इंडिया ने दम दिखाया। रिधमिक में भारतीय टीम ओवरआल नौवें रैंक पर रही।
भारतीय टीम के साथ जम्मू से गई अर्जुन अवार्डी कोच कृपाली सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों ने क्षमता के मुताबिक बेहतरीन प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि अगली अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में भी नाम रोशन करेंगे।
पहली बार में नौवें रैंक पर पहुंची
उल्लेखनीय है कि सन 1930 से शुरू हुई कामनवेल्थ गेम्स में राज्य से पहली बार किसी खिलाड़ी ने शिरकत की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट में परवेज रसूल और शुभम खजूरिया अभी तक पहुंच पाए हैं लेकिन मिताली और पलक कौर ने इस बड़े स्तर की चैंपियनशिप में पहुंचकर राज्य का नाम रोशन किया है।
जिमनास्टिक में राज्य की खिलाड़ियों ने हूप, क्लब, रिबन और बाल वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें कई देशों के प्रतिभागियों को पछाड़ा गया लेकिन पहली बार शिरकत करने पर वे नौवें रैंक तक ही पहुंच पाए।
नया मुकाम हासिल किया
मिताली की मां मधु बाला ने कहा कि यह रियासत के लिए गौरव की बात है कि उनकी बेटी ने कामनवेल्थ गेम्स में पहुंचकर नया मुकाम हासिल किया है। वे अपने अभ्यास को और बेहतर बनाकर अच्छे परिणाम लाएगी।
पलक कौर बिजराल के पिता देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह राज्य और देश के लिए खुशी की बात है कि पहली बार राज्य से कामनवेल्थ गेम्स में शामिल होकर धुरंधरों ने नौवें रैंक तक पहुंचकर साबित किया है कि उनमें कुछ करने की क्षमता है।
जिमनास्टिक कोच एसपी सिंह ने कहा कि मिताली और पलक कौर ने कामन वेल्थ गेम्स में अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन किया है।