दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद पहली बार एक बड़ी फिल्म यूनिट के आने से पर्यटन उद्योग की उम्मीद बढ़ गई है। स्थानीय कलाकारों और क्रू सहित लगभग 250 सदस्यों ने गुलमर्ग-टंगमर्ग क्षेत्र में एक विज्ञापन फिल्म की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी की। यह प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर पुलिस, थाना प्रभारी टंगमर्ग, गुलमर्ग विकास प्राधिकरण, गुलमर्ग के सीईओ और भारतीय सेना के सहयोग से पूरा हुआ।
रियल कश्मीर प्रोडक्शंस के निर्माता राही खान ने डीसी बारामुला मिंगा शेरपा का आभार व्यक्त करते हुए कहा, इस सहयोग के बिना यह प्रोजेक्ट असंभव था। उन्होंने अनुमति देने में सीआईडी की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया और सरकार से शूटिंग परमिट की समय पर मंज़ूरी को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। खान ने कहा, फिल्मों के प्रोजेक्ट अभिनेताओं, निर्देशकों और तकनीशियनों की उपलब्धता के अनुसार तय किए जाते हैं।
तारीखें बेहद महत्वपूर्ण हैं और समय पर अनुमति बहुत मायने रखती हैं। खान ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने और दूधपथरी और यूसमर्ग जैसे दर्शनीय स्थलों को शूटिंग के लिए फिर से खोलने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा, कश्मीर में फिल्मांकन हमेशा पर्यटन को बढ़ावा देता है और अभी हमें इसकी सबसे ज़्यादा जरूरत है।
इस फिल्म क्रू की तरफ से गुलमर्ग और आसपास के क्षेत्र में शूटिंग करने से एक उम्मीद जागेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब ऐसे क्रू यहां आते हैं तो इससे एक सकारात्मक संदेश बाहर जाता है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं।
स्थानीय गाइड इश्तियाक अहमद ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद से हमारा रोजगार पूरा ठप पड़ा है। फिल्म यूनिट के यहां आने से एक अच्छा संदेश बाहर जाएगा जोकि बाहर के लोगों में कश्मीर के प्रति एक सुरक्षा की भावना को वापस लाने में मददगार साबित होगा। हम उम्मीद करते हैं कि दोबारा से पर्यटक यहां आएं और कश्मीर गुलज़ार हो।