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बॉलीवुड की मशहूर गायिका विभा सराफ पहुंचीं घाटी, बोलीं- कश्मीरी मौसिकी को दिला रही हैं पहचान

Sat, 22 Jun 2019 02:22 AM IST
Pranjal Dixit अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
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गायिका विभा सराफ - फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी से ताल्लुक रखने वाली बॉलीवुड में कश्मीरी मौसिकी का झंडा गाड़ने वाली गायिका विभा सराफ अपनी जड़ों से रूबरू होने के लिए कश्मीर पहुंची। कहा जितना सुकून यहां आने पर मिलता है उतना और कहीं नहीं। विभा ने बाहर बैठे लोगों से भी कश्मीर आने की अपील की।
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मशहूर बॉलीवुड फिल्म राजी में दिलबरो गाने से धूम मचाने वाली विभा सराफ आजकल कश्मीर में हैं, और अपनी जड़ों से रूबरू हो रही हैं। वह कश्मीर में अच्छे मौसम का आनंद लेते हुए न केवल छुट्टियां बिता रही हैं, बल्कि कश्मीर की उस पहचान को भी फिर से जोड़ने के प्रयास में हैं, जो कहीं न कहीं खो गई है। विभा का कहना है कि वह अपने आपको खुशकिस्मत समझती हैं कि उन्हें अपनी संस्कृति को पेश करने का अवसर मिला। 

उन्होंने बताया कि कश्मीरी भाषा और संस्कृति शुरू से ही उन्होंने अपने घर में बुजुर्गों से सीसी, लेकिन यह कैसे उभरकर सामने बाहर निकली, इसका कोई प्लान नहीं किया गया था। विभा ने कहा कि जब राजी के लिए गाने की तैयारी की जा रही थी तो आखिर में आकर ऐसे पारंपरिक गाने ‘खान मौज कूर’ को चुना गया, जिसे यहां के कई बड़ नामचीन गायकों ने गया था।
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उन्होंने बताया कि वह काफी खुशनसीब हैं कि कश्मीर की परंपरा, संस्कृति को गाने के जरिये केवल भारत नहीं बल्कि दुनिया के नक्शे पर पहुंचा पा रही हूं। विभा ने कहा कि यह वादी बहुत खूबसूरत है, यहां सबके लिए प्यार भरा पड़ा है। अच्छा होगा कि कही सुनी बातों पर ध्यान न देते हुए यहां आएं। विभा ने यह भी कहा कि जो सुकून यहां मिलता है वो और कही नहीं मिलता। विभा ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री के लोगों को यहां आना चाहिए ताकि यहां का एक अच्छा संदेश बाहर जा सके।
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गौरतलब है विभा आज बॉलीवुड में भले ही नाम कमा रही हो, लेकिन कश्मीरी जबान आज भी उसकी पहली पसंद है और कश्मीरी जबान को बढ़ावा देने की चाह रखती है। बता दें कि विभा के पूर्वजों की जन्मभूमि रही कश्मीर में वह उन यादों को संजो कर साथ लेना चाहती है जो कभी उसने अपने बुजुर्गों के जुबानी सुनी थी। विभा का परिवार श्रीनगर के डाउनटाउन के फतेहकदल इलाके में रहता था, लेकिन 1990 में पलायन के बाद कश्मीर घाटी से दिल्ली चला गया, और विभा भी वहीं पली बड़ी। पढ़ाई भी वहीं की और नौकरी भी वहीं की।

वहीं अपनी मेहनत और लगन से आखिरकार विभा ने अपनी मंजिल हासिल की है। बॉलीवुड में नाम करने मुंबई पहुंची। 240 से जायदा एडवरटाइजिंग जिंगल गा चुकी है, लेकिन पहचान मिली 2018 में रिलीज़ हुई फिल्म राजी के दिल बरो दिल को छूने वाले विदाई के गाने से।
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