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जीएसटी पर चर्चा विधानमंडल को सशक्त करेगा: वित्तमंत्री

Fri, 16 Jun 2017 12:50 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
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जीएसटी
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वित्त मंत्री डा हसीब द्राबू ने राज्यों द्वारा गुड्स और सर्विस टैक्स (जीएसटी) के दायरे में लाने के लिए जम्मू-कश्मीर की राजकोषीय स्वायत्तता के कमजोर पड़ने की झूठी बातें कर कुछ तत्व पर हमला बोला। उनके अनुसार राज्य के कानून में पहले भी कई संशोधन हो चुके हैं।
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जीएसटी जम्मू कश्मीर के लोगों को लाभ मिलेगा और इसमें बहस का कोई मुद्दा नहीं है। डा द्राबू ने कहा ‘विशेष संवैधानिक स्थिति को खत्म करने की बात दूर की है, हम राज्य विधानमंडल को सशक्त बनाने की बात कर रहे हैं। अगर हमारी सरकार का कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा है, तो हम उसे विधानसभा में बहस क्यों ले जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि पहले कभी भी जम्मू-कश्मीर के इतिहास में राज्य संविधान के संवैधानिक संशोधन का विस्तार विधानसभा में विचार विमर्श के लिए नहीं लिया गया। राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में लगभग 46 संशोधनों को लागू किया गया है।
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'झूठे प्रचार से विकृत हो रही है बहस'

जीएसटी - फोटो : Demo Photo
उन्होंने कहा, हालांकि यह सच है कि जम्मू-कश्मीर का संविधान हमें व्यापक विधायी शक्ति प्रदान करता है,हमारी विशेष स्थिति का मूल, विधान सभा की शक्तियां है। यह विधायिका की संस्था ही है कि हम सशक्त बनाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि यह एक अवधि में कमजोर हो गई है।

उन्होंने कहा बयानबाजी का सहारा लेने के बजाय, विपक्ष को एक रचनात्मक रोडमैप के साथ आगे आना चाहिए कि वे राज्य की वित्तीय स्वायत्तता की सुरक्षा के दौरान नए कर शासन को कैसे लागू करना चाहते हैं।

डॉ द्राबू ने कहा कि निहित स्वार्थों द्वारा झूठे प्रचार के माध्यम से जीएसटी पर बहस विकृत हो रही है।  जम्मू-कश्मीर संविधान के 101 वें संशोधन में क्या प्रस्तावित है। उसकी जानकारी के बिना क्या संशोधनों किए जाएं, इसका सुझाव दिया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यदि पिछले 12 वर्षों में जीएसटी विकसित हुई है तो यह राज्य की विशेष स्थिति के लिए बहुत प्रतिकूल है, तो पूर्व वित्त मंत्री समिति की अध्यक्षता के लिए क्यों सहमत हुए जिसमें मसौदा तैयार करना था। उन्होंने कहा, राथर ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अधिकार प्राप्त समिति के लिए वैकल्पिक मॉडल क्यों नहीं पेश किया। 
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