बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में सेना की ओर से ऑपरेशन क्लीन चया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान की गोलाबारी के बाद बचे हुए बिना फटे पड़े मोर्टार शेल को निष्क्रिय किया जा सके।
क्षेत्र के 17 गांवों में से अब तक 10 गांवों में ऑपरेशन पूरा हो चुका है। सोमवार को कमलकोट, मधन, गोवहल्लन, सलामाबाद (बिजहामा), गंगेरहिल और गवाल्टा गांवों में सात विस्फोटकों को निष्क्रिय किया गया।
इन गांवों के निवासियों को घर लौटने की अनुमति दी गई थी। मंगलवार को चार और गांवों के लोगों को घर वापसी की इजाजत मिल गई है, जबकि शेष सात गांवों में अब भी ऑपरेशन क्लीन जारी है।
यहां पाकिस्तानी गोलाबारी में अब तक एक महिला की मौत हो चुकी है और 19 लोग घायल हुए हैं। साथ ही करीब 400 इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें आठ दुकानें और दो मस्जिदें भी हैं। 50 से अधिक वाहन भी नुकसान का शिकार हुए हैं।
पीड़ित बोले-नए सिरे से शुरू करना होगा जीवन
सलामाबाद के निवासी मोहम्मद उमर ने बताया कि प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद जब वे गांव लौटे तो उनका घर पूरी तरह तबाह मिला। अब इसे फिर से बनवाना पड़ेगा। हमले के दौरान हमारे मवेशी भी मारे गए। घर बनाने के लिए हमें फिर से पाई-पाई जोड़नी होगी।
रहीश खटाना ने बताया कि उड़ी में दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं और जनजीवन पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहा है। मेरा घर भी गोलाबारी में बर्बाद हो गया है, दुकान भी बंद है। अब शांति बहाली के बाद उम्मीद है कि जिंदगी फिर से शुरू हो पाएगी।
सीएम ने लिया जायजा
सोमवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंगधार क्षेत्र का दौरा किया, जो हाल ही में पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित हुआ था।
स्थानीय निवासियों से बातचीत करके मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव सहायता देने का वादा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से पूरा करें और जरूरतमंद लोगों को तुरंत मदद दें।
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उमर अब्दुल्ला ने कहा सीमा पर रहने वाले नागरिक लगातार खतरे के साए में जी रहे हैं। सरकार उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए हर आवश्यक उपाय कर रही है। और कहां की हम सबको सीजफायर पसंद है लेकिन कुछ टीवी चैनलों के एंकर जो दिल्ली मुंबई में बैठते हैं उनको सीजफायर पसंद नहीं है।