ग्रेफ विभाग के एक कर्मचारी ने आरटीआई के जरिए अपने ही विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया है। साथ ही विभाग के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि उनके साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को बंद करें।
शिपेंदर पचौरी ने आरटीआई के जरिए अपने विभाग से जानकारी मांगी थी कि क्या ग्रेफ भारतीय सेना का हिस्सा है, यदि है तो दोनों को एक समान सुविधाएं क्यों नहीं दी जाती।
इस पर ग्रेफ की तरफ से दी गई जानकारी में साफ है कि सेना और ग्रेफ में एक सी समानता है और दोनों को एक सी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
लेकिन बावजूद इसके राजोरी में कार्यरत ग्रेफ विभाग के कर्मचारियों को सेना के जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही। पचौरी ने आरटीआई को लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखा है।
इसमें बताया गया है कि राजोरी में कार्यरत कर्मचारियों को सेना के मुताबिक सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
यह भी लिखा है कि जवानों की दिमागी हालत ठीक नहीं, क्योंकि जिस स्थान पर भारतीय सीमा हैं, वहां पर तैनात ग्रेफ के कर्मचारियों को सेना जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही। पचौरी ने अपने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला है।