प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर शनिवार को अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार कश्मीर पहुंचे, जहां उनका श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर गुलाम अहमद मीर ने मीडिया से बात करते हुए राज्य की गठबंधन सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता रहती है कि लोगों के मसलों का समाधान निकाला जा सके, लेकिन मौजूदा सरकार जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ करती नजर नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार इस समय डगमगाती दिख रही है।
जिसकी नींव ही हिल रही हो वो सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती। मीर ने कहा कि इस सरकार में आए दिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर आपसी मतभेद होगा, जिससे लोगों को कोई फायदा नहीं मिल पाएगा। मसर्रत आलम की रिहाई पर गुलाम अहमद मीर ने कहा कि सिर्फ सियासी कैदी ही नहीं बल्कि सभी ऐसे कैदियों की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए, जो छोटे मोटे मामलों में 10 या 20 वर्षों से जेलों में बंद हैं।
मीर ने यह भी कहा कि एक कमेटी का गठन किया जाना चाहिए जो हर एक कैदी की स्क्रीनिंग कर सके और उन्हें रिहा करवा सके, जो छोटे मामलों के जुर्म में कई सालों से कैद हैं। इस मौके पर सैकड़ों कार्यकर्ता, मौजूदा विधायकों के अलावा पार्टी के कई अन्य सीनियर नेता भी मौजूद थे।
आने वाले बजट सत्र के दौरान बाढ़ पीड़ितों की बहाली और उनके पुनर्वास के लिए उठाए जा रहे कदमों में तेजी लाए जाने के लिए मौजूदा गठबंधन सरकार पर जोर डाला जाएगा। पूर्व प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर लगाए जा रहे आरोपों से सिर्फ उनका ही नहीं देश का अपमान हो रहा है। वह देश के पूर्व प्रधान मंत्री और एक ईमानदार व्यक्ति हैं। उनके समर्थन में पूरा दल उनके साथ है।