जम्मू कश्मीर में अफीम और भुक्की की पैदावार पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। साथ ही नशे की खेती के भौतिक लक्षणों पर नजर रखने के लिए इंफ्रारेड स्पेक्टोमीटर का इस्तेमाल किया जाएगा। सेटेलाइट का भी इस्तेमाल करने की तैयारी है, ताकि राज्य की ड्रग कंट्रोल आर्गेनाइजेशन को मजबूत किया जाए।
इसकी जानकारी राज्य मुख्य सचिव बीआर शर्मा द्वारा मंगलवार को स्टेट लेबल अपेक्स कमेटी की ली गई बैठक में दी गई। यह कमेटी राज्य में नशा तस्करी रोकने और अफीम की खेती को लेकर बनाई गई है। बैठक में तस्करी पर सख्ती से निपटने को लेकर काफी देर तक बातचीत हुई। खेती करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि भांग और भुक्की की पैदावार को अपने-अपने जिले में नष्ट करने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करें। इसके लिए राजस्व विभाग के पूरे रिकार्ड को देखकर काम करें।