अमरनाथ यात्रा शुरू होने से 10 दिन पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुक्रवार को यूनिफाइड कमांड की बैठक कर यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने को कहा ताकि अमरनाथ यात्री बिना किसी झिझक के दर्शन के लिए आ सकें।
श्रीनगर में सेना, सीआरपीएफ, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक में उन्होंने राज्य के आंतरिक तथा बाह्य सुरक्षा हालात को लेकर चर्चा की। उन्होंने राज्य में शांति तथा कानून का राज स्थापित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। कहा कि सभी सुरक्षा बलों के आपसी तालमेल से ही राज्य में विभिन्न आतंकवाद निरोधक अभियानों को सफलता मिल सकी है।
कई मोर्चों पर विभिन्न चुनौतियों के बीच सुरक्षा बलों की ओर से किए गए प्रबंधन पर उन्होंने संतोष जताया। राज्यपाल ने आतंकवाद निरोधक मोर्चे पर मिली भारी सफलता के लिए सुरक्षा बलों तथा खुफिया एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि इसके लिए उन्होंने काफी बलिदान दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के साझा प्रयास से अवांछनीय तत्वों को खत्म करने में सफलता मिली। कहा कि सुरक्षा बलों का मनोबल काफी ऊंचा है और वे दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।
बैठक में राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, डीजीपी दिलबाग सिंह, 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों, 9 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नैन के अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी व खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे।
घुसपैठ रोकने के लिए जवानों से सतर्क रहने को कहा
अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी), नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एएलसी) पर सुरक्षा हालात की समीक्षा की। साथ ही घुसपैठ तथा उसे रोकने के लिए की गई तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया। सीमा पार दुश्मनों की हरकतों तथा घुसपैठ रोकने के लिए जवानों से सतर्क रहने को कहा। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में लोगों की सुरक्षा समय पर सुनिश्चित करने के लिए नागरिक व पुलिस प्रशासन तथा सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।