जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि टेलीफोन सुविधा से ज्यादा कश्मीरियों की जिंदगियां बचाना जरूरी है। टेलीफोन के बिना पहले भी जीवन व्यतीत होता था। आतंकी गतिविधियों और दुष्प्रचार को रोकने के लिए टेलीफोन पर पाबंदी लगाई गई थी, जिसे अब हटा लिया गया है।
उन्होंने मोबाइल इंटरनेट को जल्द बहाल करने की भी बात कही। मलिक सोमवार को कठुआ के सरदार पृथीनंदन सिंह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में पुलिस के 1033 प्रशिक्षुओं के 26वें बैच की पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे।
प्रशिक्षुओं की सलामी लेने के बाद मलिक ने कहा कि पुलिस बल और शहीद परिवारों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास जारी हैं। हाल ही में शहादत पर मिलने वाली राशि को बढ़ाया गया है। मलिक ने भरोसा दिलाया कि जम्मू में अपना कार्यकाल पूरा करने तक वो शहादत पर मिलने वाली राशि को एक करोड़ तक करवाकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई बार राज्य में ऐसे हालात हुए जिससे कई लोगों की मौत हो गई।
कश्मीर में पिछले उपचुनाव के दौरान नौ लोग एक ही दिन में मारे गए थे। लेकिन पिछले दो माह में कश्मीर में एक भी गोली नहीं चली है। पंचायत चुनाव के दौरान चार हजार प्रतिनिधि जीतकर आए हैं। सुरक्षा बलों में समन्वय और जनता के सहयोग से ऐसा हो पाया। राज्यपाल ने कहा कि जिस जज्बे के साथ पुलिस के जवान सेवाएं देते हैं, उससे ही आवाम अपने घरों में सुरक्षित है।