घाटी में शिक्षा के हालात और छात्र-छात्राओं के हिंसक घटनाओं में शामिल होने पर राज्यपाल खासा चिंतित हैं। शुक्रवार को उन्होंने शिक्षा मंत्री मोहम्मद अल्ताफ बुखारी समेत रियासत के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और शिक्षा विभाग के आला अफसराें के साथ बैठक की। घाटी में हालात पर चर्चा करते हुए वोहरा ने ऐसे छात्र-छात्राओं की प्रभावी काउंसिलिंग करने को कहा, ताकि ऐसी घटनाओं के असर से उन्हें बचाया जा सके।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग से ऐसा कैलेंडर तैयार करने पर जोर दिया, जिससे छात्र स्पोर्ट्स मीट, डिबेट, ट्रैकिंग, पिकनिक ट्रिप, एजुकेशनल टूर में शामिल हों, ताकि ऐसी घटनाओं से उनका ध्यान हटे। विश्वविद्यालयों में हाई क्वालिटी फिल्मों और ड्राक्यूमेंट्री के प्रदर्शन का भी उन्होंने सुझाव दिया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, उनकी फैकल्टी, स्कूल, कालेजों के प्रिंसिपल और टीचरों से काउंसिलिंग का अहम जिम्मा उठाने को कहा। कहा कि अगर जरूरत पड़े तो अभिभावकों के साथ-साथ सिविल और पुलिस प्रशासन की मदद भी इस कार्य में ली जा सकती है।
शिक्षा मंत्री ने उन्हें विभाग की तरफ से इस संबंध में उठाए कदमों की जानकारी दी। इस मौके पर कश्मीर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. खुर्शीद इकबाल, शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. नजीर अहमद, कश्मीर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. मेहराजुद्दीन, एनआईटी श्रीनगर के डायरेक्टर प्रो. एआर दर, कलस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर के वीसी डा. शेख जावेद, गवर्नर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी उमंग नरूला, सेक्रेट्री हायर एजुकेशन डा. असगर हसन समून, डायरेक्टर कालेजेज डा. रेनू गोस्वामी, डायरेक्टर टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट शबनम कामिली, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन कश्मीर डा. जीएन इट्टू, एडिशनल सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन मसरत उल इस्लाम आदि मौजूद रहे।