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सावधान! सरकारी मुलाजिमों पर पैनी नजर

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रियासत में भ्रष्टाचार के केसों को लेकर राज्यपाल एनएन वोहरा काफी गंभीर हैं। भ्रष्टाचार के लंबित मामलों की जांच और उसके अभियोजन को तय समय सीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने भ्रष्टाचार के सभी मामलों को शून्य सहिष्णुता के आधार पर कड़ाई से निपटाने को कहा।
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उन्होंने विजिलेंस को निर्देश दिए कि सरकारी कामकाज की प्रणाली पर पैनी नजर रखी जाए और उसे उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अनुच्छेद 226 के तहत अनिवार्य समीक्षा के लिए रखे जाने वाले केसों में समयबद्ध कार्रवाई के लिए नामित कमेटी के समक्ष रखा जाए।

सोमवार को विजिलेंस डायरेक्टर शेख ओवासिस अहमद और सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव मोहम्मद अशरफ बुखारी के साथ राज्यपाल ने विजिलेंस के कामकाज की समीक्षा की।
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राज्यपाल ने जीडीए सचिव को कहा कि तमाम मुलाजिमों के वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट (एपीआर) तय समय में तैयार कर ली जाए। इस मामले में सभी विभागों को सर्कुलर जारी कर पांच फरवरी 2015 तक एपीआर पेश करने को कहा।
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एपीआर में कोई लापरवाही नहीं चलेगी

अनुच्छेद 226 के तहत चल रहे मामलों में सभी विभाग अपनी रिपोर्ट जल्द पेश करें। साथ ही सभी विभागों के सचिव इस मामले में अफसरों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करें, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कड़ाई से एपीआर तैयार किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि सभी विभाग आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी मुहैया करवाएं और उसे वेबसाइट पर भी चढ़ाएं।

साथ ही उसे नियमित तौर पर अपडेट करें। तमाम विभाग अपने अफसरों द्वारा 2013-14 में दी गई अचल संपत्ति की जानकारी की समीक्षा भी करें। संपत्ति की जानकारी न देने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  राजभवन में हुई मीटिंग में बुखारी ने बताया कि कुल 16 केस अभियोजन की मंजूरी के लिए लंबित पड़े हैं। इनमें से सात सार्वजनिक क्षेत्र या स्वायत्त निकायों से जुड़े हैं।

विजिलेंस डायरेक्टर ने बताया कि पिछले साल 240 सरकारी मुलाजिमों के खिलाफ 79 केस दर्ज हुए। इनमें 106 गजटेड अफसर भी शामिल थे। 30 सरकारी मुलाजिम रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए। उनके खिलाफ केस अभी भी दर्ज हैं। संहिताओं और नियमोें के उल्लंघन को सरकार के ध्यान में लाने के लिए विजिलेंस समय-समय पर अलर्ट नोटिस भेजता रहता है।
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सतर्कता आयोग के कामकाज की जानकारी दी

जमुख्य सतर्कता आयुक्त कुलदीप खुड्डा और सतर्कता आयुक्त आरके जीरथ ने सोमवार को राजभवन पहुंच राज्यपाल को सतर्कता आयोग के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि 2014 में आयोग को 1157 शिकायतें मिलीं, इनमें से 64 मामलों को विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया।

26 मामलों में केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने मुख्य सतर्कता आयुक्त से कहा कि तमाम केस की तय समय सीमा के अंदर जांच पूरी करने के लिए विभागीय विजिलेंस अफसरों के साथ प्रत्येक माह बैठक करें।

खुड्डा ने कहा कि सभी विभागों को आयोग ने सलाह दी है कि टेंडर प्रक्रिया को अपनाएं और तमाम भुगतान चेक या इलेक्ट्रानिक ट्रांसफर से करें, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न हो। राज्यपाल ने आयोग से आग्रह किया कि तमाम लंबित मामलों पर नियमित नजर रखें।
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