सितंबर 2014 की बाढ़ में प्रभावित हुए आवासीय ढांचों की राहत राशि सीधा प्रभावितों के खाते में पहुंचेगी। राज्यपाल एनएन वोहरा ने उच्च स्तरीय बैठक में इस बाबत समय सीमा का निर्धारण भी कर दिया।
राज्यपाल की हिदायत पर प्रशासन को अगले सात दिनों में राहत राशि वितरण की तैयारियां पूरी करनी होंगी। वितरण 10 मार्च से शुरू कर 15 मार्च तक इसे मुकम्मल करना होगा।
राहत राशि वितरण तैयारियों की समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जितने भी प्रभावित हैं उनकी राहत राशि को सीधा उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए।
राज्यपाल ने कहा दस मार्च से प्रस्तावित वितरण प्रक्रिया के तहत कुल 1194 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।
जिला उपायुक्तों को राहत वितरण से पूर्व लाभार्थियों के आंकड़े एक बार फिर से सुनिश्चित करने होंगे ताकि दस मार्च से प्रस्तावित वितरण प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत न आए।
लाभार्थियों को जिला उपायुक्तों के माध्यम से बाकायदा आरटीजीएस रसीद उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि वह खाते में ट्रांसफर हुई राशि को जांच सकें। बैठक में मुख्य सचिव बीआर शर्मा, योजना एवं विकास विभाग के वित्त आयुक्त बीबी व्यास प्रमुख रूप से मौजूद थे।
राजभवन प्रवक्ता के अनुसार प्रधानमंत्री विकास योजना 2015 के तहत 1194 करोड़ रुपये की राशि सुरक्षित की गई है। पूरी तरह से तबाह हुए घरों से लेकर आंशिक रूप से प्रभावित पक्के और कच्चे मकानों के लिए राहत राशि दी जाएगी। इ
सके तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों को 2.50 लाख, कई जगह से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 1.25 लाख, पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए एक लाख, कई जगह से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए 50 हजार तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के व कच्चे मकान के लिए क्रमश: 20 और 10 हजार की सहायता दी जाएगी।