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राज्यपाल मलिक का बड़ा बयान, पाकिस्तानी आकाओं के दबाव में कराए जाते हैं घाटी में हमले

Wed, 19 Jun 2019 11:56 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आतंक के आकाओं को यहां की शांति रास नहीं आ रही है। एक दबाव के तहत वह यहां आतंकी हमले करा रहे हैं। जल्द ही इस आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंक दिया जाएगा। राज्यपाल सत्यपाल मलिक बुधवार को श्रीनगर के एसकेआईसीसी में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। 
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उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो मौजूदा हालात हैं यहां के लिए नई चीज नहीं है, लेकिन पिछले 4-6 माह में हमने स्थिति को नियंत्रित किया था। कश्मीर घाटी में हाल ही में हुए कुछ आतंकी हमलों को आतंकी आकाओं द्वारा दबाव के तहत कराई गई वारदात करार देते हुए मलिक ने कहा कि कश्मीर में शांतिपूर्ण हालात देख आतंकियों के आकाओं को लगता है कि उनके द्वारा खड़ा किया गया आतंक का नेटवर्क और 10 वर्ष से अधिक से की गई मेहनत को खत्म किया जा रहा है। 

वह इसी कारण अपने गुर्गों पर हमलों के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के हालात ठीक हैं और यहां के स्थानीय और यहां घूमने आए पर्यटकों को किसी भी प्रकार का डर और भय नहीं रहता। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में गुलमर्ग से एक पर्यटक ने फोन किया जो उनके ही इलाके का रहने वाला था और बताया कि गुलमर्ग में हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं।
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राज्यपाल ने कहा कि घाटी में आतंकियों की नई भर्ती में बहुत ज्यादा कमी आई है और जुमे की नमाज के बाद होने वाली पत्थरबाजी भी न के बराबर है। मलिक ने कहा कि लोगों को अब समझ आने लगा है कि इस रास्ते से कहीं नहीं पहुंचेंगे और हाल ही में पुलवामा के 2 युवा आतंकवाद का रास्ता छोड़ कर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति बहुत अच्छी है, लेकिन ऐसी इक्का-दुक्का होने वाली घटनाओं को न तो अमरीका न फ्रांस और न ही इंग्लैंड रोक पाया है, लेकिन हम जल्द ही उसका इलाज कर देंगे।
 
यह पूछे जाने पर कि हाल ही में पाकिस्तान द्वारा शेयर किए गए हमले के इनपुट को एक अच्छा कदम मानते हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे इनपुट शेयर होने चाहिए यह उनकी ड्यूटी है। मलिक ने कहा कि उसमें भी एक तरकीब होती है वो अपने यहां क्या रोक पाते हैं। यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान द्वारा यह एक झूठी जानकारी शेयर की गई हो, उन्होंने कहा कि विवादित बात पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपने कई सरकारें देखी हैं, हमारी भी देखी है, अंतर आप खुद जानते हैं।
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