फल उत्पादकों को किसी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए नैफेड से बातचीत की गई है जो कश्मीर में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। वह कुल उत्पादन का 50 फीसदी खरीद करेगा। सभी जिला प्रशासन को हिदायत दी गई है कि वे सेब के लिए मंडियों तथा माल ढुलाई के लिए पर्याप्त साधन की व्यवस्था करें। साथ ही सुरक्षा का मुकम्मल प्रबंध हो ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए।
मंडियों में सेब से लदे ट्रकों को रातोंरात घाटी से बाहर निकालने की तैयारी है ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए। यह आशंका जताई जा रही है कि दिन के उजाले में फल लदे ट्रकों पर पथराव हो सकता है। इस वजह से रात के अंधेरे में जवाहर टनल के पार सेब लदे ट्रकों को भेज दिया जाए।
वर्ष 2016 में जब हिजबुल आतंकी बुरहान वानी मारा गया था तो उस समय भड़की हिंसा के बाद भी फल से लदे ट्रकों को रात में ही घाटी से बाहर के लिए रवाना किया जाता था। हालांकि, इस बार किसी भी आतंकी संगठन या किसी अनय संगठन की ओर से फल उत्पादकों को किसी प्रकार की धमकी नहीं दी गई है। इसके बाद भी मुकम्मल तैयारी की जा रही है ताकि कारोबार पर कोई असर न पड़े।