एक ओर जहां जम्मू के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में नई यूनिटों की स्थापना के लिए खाली जमीन उपलब्ध नहीं है, वहीं कुछ ऐसे प्लाट भी हैं, जिन पर अभी तक उद्योग लगाने के लिए कदम ही नहीं उठाए गए हैं।
ऐसे खाली प्लाटों पर उद्योग और वाणिज्य विभाग की नजर है। ऐसे प्लाटों का सर्वे करवा कर उन्हें अन्य नई यूनिटों के लिए एलाट किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इससे पहले सांबा औद्योगिक क्षेत्र में कुछ ऐसे ही प्लाट कैंसिल किए गए थे।
जिन्हें एलाट करवाने के बाद लंबे समय तक उस पर उद्योग लगाने का काम शुरू नहीं किया गया। नए उद्योगों के लिए प्लाट हासिल करने वाले के कई आवेदन विभाग में है, लेकिन जमीन उपलब्ध होने के बाद ही उस पर कार्यवाही की जाएगी।
बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रेसीडेंट अनिल सूरी कहते हैं कि उनकी भी इच्छा है कि ज्यादा से ज्यादा नए उद्योग लगें, ताकि जम्मू में औद्योगिक माहौल तैयार हो सके। जहां तक बाड़ी ब्राह्मणा औद्योगिक क्षेत्र की बात है, उसमें कोई प्लाट खाली नहीं है।
सांबा व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कुछ प्लाट खाली थे, जिन पर किन्हीं कारणों से उद्योग लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया था। विभाग ने उन प्लाटों का सर्वे करवाकर एलाटमेंट रद्द किया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों वित्तीय आयुक्त (उद्योग व वाणिज्य विभाग) गनई ने कहा था कि रियासत की नई औद्योगिक नीति बनाने का काम शुरू हो चुका है और युवा उद्यमी नए यूनिट लगाने के लिए आगे आएं।
लेकिन जानकारों का कहना है कि जब नई यूनिट के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होगी तो कैसे नए उद्योग लगेंगे। बताया जाता है कि विभाग वैसे खाली प्लाटों की फिर से निशानदेही कर रहा है।