नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को एक बार फिर पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने सात नवंबर को श्रीनगर में आयोजित प्रधानमंत्री मोदी की रैली की तैयारियों के लिए सरकार पर आरोप लगाते हुए उसकी आलोचना की है।
उमर ने कहा कि उनके सहयोगियों की सुरक्षा कम कर दी गई है और उन पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को मोदी की रैली में भाग लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटा सकें। रैली के लिए सरकारी मशीनरी भी प्रयोग में लाई जा रही है, जो गलत है।
उन्होंने यह सब बातें सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखी हैं। पहले ट्वीट में उमर ने लिखा है, ‘सहयोगियों ने मुझे बताया कि उनके जेके पुलिस गार्ड काफी कम कर दिए गए हैं और उन कर्मियों को रैली में भाग लेने के लिए आदेश दिए हैं।’
कहा कि प्रधानमंत्री की रैली के लिए नंबर बनाने के लिए ऐसे ही निर्देश एसपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व दैनिक वेतन भोगियों को दिए गए हैं, क्योंकि पीडीपी कार्यकर्ता अनिच्छुक हैं। ‘और कैसे वे नंबर बनाएंगे और कैमरा और चैनलों के लिए एक सभा का उत्पादन होगा?’
दूसरे ट्वीट में लिखा है ‘सरकार की ओर से बेशर्मी मोदी की रैली के लिए राज्य तंत्र का उपयोग करने के लिए।’ ‘अभी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की ओर से प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए बैनर को बांधने के लिए एक एंबुलेंस में राज्य सरकार के कर्मचारियों को देखा-बेशर्म।’