पाकिस्तानी गोलीबारी से विस्थापित हुए सीमांत ग्रामीणों की मदद में जुटी सेना को स्थानीय प्रशासन द्वारा रोके जाने का मामला बढ़ता जा रहा है।
भाजपा विधायकों अश्विनी शर्मा, प्रो. गारुराम और शाम चौधरी ने सदन में राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि सीमांत ग्रामीणों को जबरन उनके घरों में भेजने का दबाव बनाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा सेना के काम में खलल पैदा करने के बाद सेना ने सीमांत ग्रामीणों की मदद करना भी बंद कर दिया।
प्रशनकाल के दौरान विधायक अश्विनी शर्मा ने यह मुद्दा उठाते हुए स्पीकर से आग्रह किया कि राज्य सरकार इस पर अपना रुख स्पष्ट करें। अश्विनी शर्मा ने कहा कि गोलीबारी से लोगों के मकान टूट गए हैं। सीमांत ग्रामीण खौफ की वजह से विस्थापितों का जीवन बसर कर रहे हैं।
प्रशासन द्वारा सीमांत ग्रामीणों की अनदेखी पर जब सेना ने उनकी मदद को हाथ बढ़ाया तो उसे भी राज्य सरकार रोक रही है। इस दौरान नारेबाजी करते हुए भाजपा विधायक आगे आ गए। लेकिन राज्य सरकार की तरफ से किसी भी मंत्री ने इसका जवाब नहीं दिया।
बाद में विधायकों अश्विनी शर्मा, प्रो. गारुराम, शाम चौधरी और सुखनंदन चौधरी ने सरकार के रवैये के विरोध में नाराजगी जाहिर करते हुए सदन से वाक आउट कर दिया।