जम्मू संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी की लिफ्टें ठप रहने से मरीजों, तीमारदारों के साथ स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वार्डों तक मरीजों को पहुंचाने के लिए रैंप का सहारा लेना पड़ रहा है। लैबोरेटरी में टेस्ट के लिए भी तीमारदारों को सीढ़ियों या रैंप से ही ऊपर वाले फ्लोर तक पहुंचना पड़ रहा है।
जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार अस्पताल की कुछ पुरानी लिफ्टों की जगह नई लगाई जा रही हैं। मेडिकल कालेज जम्मू में प्रिंसिपल कार्यालय की ओर ऊपर के छह फ्लोर तक जाने के लिए दोनों लिफ्टें एक माह से ज्यादा समय से बंद पड़ी हैं। इन्हीं लिफ्टों से छह फ्लोर तक माइक्रो बायोलाजी, बायो केमिस्ट्री, पैथालोजी, पीएसएम पीजी, फार्माकोलाजी आदि महत्वपूर्ण विभागों तक पहुंचा जाता है।
इसमें माइक्रो बायोलाजी और बायो केमिस्ट्री, पैथालोजी विभागों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग विभिन्न तरह के टेस्ट करवाने के लिए पहुंचते हैं। इसमें कई में मरीज को खुद पहुंचना पड़ता है लेकिन लिफ्टें बंद होने से तीमारदारों को मजबूरन रैंप या सीढ़ियों के सहारे इन फ्लोर तक पहुंचना पड़ रहा है।
इसी तरह अस्पताल के भीतर कैंटीन वाली तरफ से एक लिफ्ट ही काम कर रही है, जबकि दूसरे काफी समय से ठप पड़ी है, जिससे मरीजों को ऊपर के फ्लोर पर 15 वार्डों में अपने मरीजों को रैंप का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा जो लिफ्टें काम कर रही हैं वे भी आए दिन जवाब दे जाती हैं।
सूत्रों के अनुसार लिफ्टों के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से वार्षिक मेनटेनेंस कांट्रैक्ट न होने से काम लटका हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भी इमरजेंसी के नए ब्लाक की लिफ्ट कई हफ्तों तक बंद रही थी, जिससे मरीजों के साथ तीमारदारों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी थीं।