जम्मू। जीएमसी में मरीजों को हाई प्रेशर ऑक्सीजन सुविधा हासिल करने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। जीएमसी जम्मू प्रदेश का पहला ऐसा अस्पताल है जहां लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट को 31 अक्तूबर तक शुरू करने का अंतिम समय निर्धारित किया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा इसे शुरू करने की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो पाई हैं। ऐसे में 31 अक्तूबर को प्लांट शुरू नहीं किया जा सकेगा। प्लांट स्थापना सहित अन्य कार्यों पर 1072.63 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जीएमसी की शवगृह के बाहर बनाए जा रहे लिक्विड आक्सीजन प्लांट की क्षमता 2000 एलपीएम (लिटर प्रति मिनट) होगी, जो अन्य मेडिकल कॉलेजों के बराबर होगी। जीएमसी में लो प्रेशर ऑक्सीजन को लेकर कोरोना मरीजों की दिक्कतों पर कई बार बवाल हो चुका है। लोगों का आरोप रहा है कि कई मरीजों की लो प्रेशर ऑक्सीजन के कारण मौत हुई है। दसके बाद हाई प्रेशर के लिए लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी गई। इस प्लांट में विशाल एलपीजी स्तर का टैंक स्थापित करके सभी जरूरी कोविड यूनिटों में सीधी ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाई जाएगी। इस प्लांट के शुरू होने से जीएमसी में आक्सीजन की क्षमता कई गुणा बढ़ जाएगी, जिससे भविष्य में सैकड़ों मरीजों को एक साथ उपचार दिया जा सकेगा। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि तीन दिन में वेपोराइजर आ रहा है। इसके बाद जल्द प्लांट को शुरू करने पर किया जाएगा।