सन 1966 में कसबे से सटे गांव दसकाल में एक माइन ब्लास्ट में अपनी टांग खो देने वाले राम दयाल शर्मा को विकलांग होने पर आज भी 17.50 रुपये पेंशन मिलती है। कई बार रामदयाल ने केंद्र सरकार ने पेंशन बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई।
साथ ही केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भूतपूर्व सैनिक का दर्जा देकर एक प्रमाण पत्र मिला, लेकिन पेंशन पर कोई ध्यान नहीं दिया। कसबे के विकलांग वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित पत्रकार वार्ता में रामदयाल ने कहा कि वर्तमान विकलोंगों की राज्य सरकार से मासिक पेंशन चार सौ रुपये मिल रही है।
मगर 50 वर्ष पहले राज्य सरकार द्वारा तय की गई 17.50 रुपये की पेंशन उन्हें आज भी मिल रही है। उन्होंने सरकार से पेंशन बढ़ाने की मांग की।