नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत सरकार ने प्रत्येक जरूरतमंद तक रोटी का निवाला पहुंचाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को ही राशन दिया जाएगा। भविष्य में बीपीएल से जुड़े लोगों को ही प्राथमिकता मिलेगी, जबकि एपीएल और एएवाई से जुड़े लोगों को दूसरे नंबर पर रखा गया है।
जिला उपायुक्त कार्यालय में एक्ट के तहत डाटा सर्वे जारी है, प्रत्येक बीपीएल उपभोक्ता का डाटा फीड किया जा रहा है। अब तक ढाई से तीन लाख लोगों का डाटा इकट्ठा किया जा चुका है। ग्रामीण और शहरी इलाकों को अहमियत देते हुए व्यक्ति की आय के मुताबिक कई प्रकार की कैटेगरी बनाई गई है। कैटेगरी के मुताबिक राशन के लिए सबसे ज्यादा जरूरतमंद लोगों को पहल दी जाएगी।
विभाग की ओर से पिछले रिकार्ड के मुताबिक बीपीएल वालों को कतार में सबसे आगे रखा जाएगा। इसके अलावा आर्थिक रूप से मजबूत यानी एपीएल और एएवाई वालों को राशन कार्ड मात्र पहचान के लिए मिलेगा। डाटा इकट्ठा करने के लिए जारी सर्वे के साथ राशन कार्ड में कई प्रकार के संशोधन भी किए जा रहे हैं।
सर्वे होने के साथ ही डाटा फीड करके बीपीएल वालों की लिस्टें तैयार हो जा जाएंगी। डिपो संचालक लिस्ट के आधार पर ही जरूरतमंदों को कैटागरी के तहत तय कीमत पर राशन मुहैया करवाएंगे। जिला उपायुक्त सिमरनदीप सिंह ने एक्ट के तहत शुरू किए इस सर्वे को जल्द पूरा करने की हिदायतें दी हैं।