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J&K: घाटी में हिंसा के मुद्दे पर विधानसभा में घिरी सरकार, विपक्ष ने जमकर की आलोचना

Sat, 17 Jun 2017 08:31 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
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विधानसभा में सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : फाइल फोटो
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विधानसभा में विपक्ष ने कश्मीर के बिगड़े हालात के लिए रियासत और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर हंगामा किया। नेकां के विधायक अबुल मजीद लारमी ने बेल में आकर धरना दिया।
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सदन का पिछली बैठक से अब तक जिन सदस्यों, पूर्व सदस्यों और अन्य गण्यमान्य लोगों की मौत पर शोक प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह चर्चा कश्मीर के हालात में बदल गई। कई सदस्यों ने परंपरा में इस बदलाव पर आपत्ति जताई।

नेकां के देवेंद्र राणा ने कहा कि रियासत में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। जिन पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, उनकी आत्मा भी दुखी होगी। कश्मीर में बेगुनाहों का खून बहाया जा रहा है। सदन की शुरुआत में ही नेकां के विधायक विरोध की तख्तियां लेकर नारे लगाते हुए सदन में आए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरएसएस और इजरायल के एजेंडे पर चल रही है। मेजर गोगोई को सम्मानित करने का विरोध किया।
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शोक प्रस्ताव रखे जाने के दौरान भी हंगामा

विधानसभा स्पीकर कविंद्र गुप्ता - फोटो : File Photo
जब स्पीकर कवींद्र गुप्ता शोक प्रस्ताव रख रहे थे, तब विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट पर खड़े होकर नारेबाजी की। विधायक रसीद दो मिनट के मौन के दौरान भी सरकार पर बरसते रहे। नेकां के अली मोहम्मद सागर, मोहम्द शफी और मुबारक गुल ने कहा कि कत्लेआम हो रहा है और सरकार खामोश है। स्कूल, कालेज बंद होने और व्यापार पर असर को भी विपक्षी सदस्यों ने उठाया।

नेकां से मोहम्मद शफी ने कहा कि सरकार का एजेंडा आफ एलायंस कहां गया, जिसमें अलगाववादियों से बातचीत का जिक्र था। कांग्रेस के जीएम सरूरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब कोई अधिकार नहीं रह गया है। रियासत में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सेना अध्यक्ष बिपिन रावत सरकार चला रहे हैं। उन्होंने तीन तलाक को छेड़े जाने का विरोध किया।
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