जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस ने वित्त मंत्री हसीब द्राबू के बजट को लगातार दूसरी दफा दिया गया निराशाजनक बजट करार दिया है। पार्टी के प्रवक्ता जुनैद मट्टू ने कहा बजट में न तो दूरदृष्टि है और ना ही अवाम के प्रति आत्मीयता का भाव।
मट्टू ने कहा द्राबू ने अपने दूसरे बजट में भी कश्मीर के बाढ़ प्रभावितों के दर्द को कोई जगह नहीं दी है। पिछले बजट की तरह इस बार के बजट में भी बाढ़ प्रभावितों को सबसे ज्यादा निराशा हुई है। बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास का पहलु कैसे भुलाया जा रहा है यह बेहद चिंताजनक बात है।
वित्त मंत्री ने केवल मु़ख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की चाय का भत्ता बढ़ाने सहित बेमतलब की घोषणाएं की हैं। मट्टू ने कहा पर्यटन उद्योग रियासत की रीढ़ है जिसे बढ़ावा देने के इंतजाम होने चाहिए। लेकिन वित्त मंत्री ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले शुल्क को 20 से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया है।
इसका सीधा असर हवाई सेवाओं की महंगाई दर पर पड़ेगा। इंधन महंगा होने का सीधा मतलब हवाई यात्रा को महंगा करना और मुमकिन है हवाई सेवाएं देने वाली एजेंसियां भी ईंधन की महंगाई से अपनी सेवाओं में कटौती कर दें।
बागवानी क्षेत्र को सरकार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है लेकिन वित्त मंत्री ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया है। इससे बेरोजगारी और निराशा का आलम और गहराएगा। वित्त मंत्री ने पॉवर प्रोजेक्टों को वापस लेने को लेकर हवा हवाई बयान दिया है जबकि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री इस मांग पर अपना रूख स्पष्ट कर चुके हैं।