आजादी के आंदोलन का गोवा पर पड़ा था असर
भारत में आजादी के आंदोलन का थोड़ा और कुछ हद तक असर गोवा में भी पड़ा। 1940 के दशक में गोवा के कुछ निवासियों ने भी सत्याग्रह में भाग लिया। 1947 में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद भी पुर्तगालियों ने यह कहते हुए गोवा छोड़ने से इनकार कर दिया कि गोवा सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से शेष भारत से अलग है।
भारत सरकार ने तब कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की, क्योंकि स्वतंत्र रियासतों को भारत के साथ मिलाया जा रहा था। इसलिए उसने पुर्तगालियों के साथ कई कूटनीतिक वार्ताएं की। वार्ता विफल होने के बाद तत्कालीन सरकार ने गोवा पर कब्ज़ा करने के लिए सैन्य विकल्प चुना।