आजाद ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर के दो हिस्से बनाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने और राज्यपाल शासन लगाने से जम्मू-कश्मीर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर के नेताओं को जेलों में बंद रखा गया है। नेकां, पीडीपी, कांग्रेस, पैंथर्स आदि विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर भी बुरी तरह से असफल हुई है। देश की अर्थ व्यवस्था बिगड़ने के साथ बेरोजगारी बढ़ी है। डीएसपी देवेंद्र सिंह के मामले की निष्पक्ष जांच हो और इसमें संलिप्त सभी लोगों को सामने लाया जाए।
गुलाम नबी आजाद और अंबिका सोनी ने दौरे के पहले दिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कर जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की। एआईसीसी के पदाधिकारियों से मिलने के लिए कश्मीर से भी नेता पहुंचे थे। देर शाम तक समूह में बैठकों का दौर जारी था।
दोनों नेता शुक्रवार को नरवाल स्थित एक होटल में दोपहर पीसीसी (प्रदेश कार्यकारी समिति) के साथ बैठक करेंगे। इसमें प्रदेश कांग्रेस के भविष्य में आधार को और मजबूत बनाने के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दोपहर बाद दोनों नेता दिल्ली लौट जाएंगे।