डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने रविवार को कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के एजेंडे में अब अल्पसंख्यकों का कोई मुद्दा नहीं है। इसे पिछले 20 से 25 दिनों में उन्होंने महसूस किया है। कभी कांग्रेस को अल्पसंख्यकों का चैंपियन माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
वहीं, चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों को लेकर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि शुरुआती नतीजों की बात करें तो कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पूरी स्थिति शाम छह बजे के बाद साफ हो पाएगी। तीन राज्य- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी जीत की ओर तेजी से बढ़ रही है।
पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, 'पिछले 20-25 दिनों में मैंने एक बात नोटिस की है कि जिस कांग्रेस को अल्पसंख्यकों का चैंपियन माना जाता था, उसने अल्पसंख्यकों के बारे में बात नहीं की... अब अल्पसंख्यक कांग्रेस के एजेंडे में नहीं हैं...।'
अभी तक के नतीजों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में अपनी सरकार का सफलतापूर्वक बचाव करती दिख रही है। भाजपा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से सत्ता छीनकर अपनी सरकार बनाती हुई नजर आ रही है।
कांग्रेस आज सुबह तक छत्तीसगढ़ और राजस्थान को बरकरार रखने और मध्य प्रदेश में जीत दर्ज करने की उम्मीद कर रही थी, अब तीनों में भाजपा से काफी पीछे चल रही है।
कांग्रेस के पास मध्य प्रदेश में सिर्फ एक और छत्तीसगढ़ में महज दो लोकसभा सीटें हैं। उसे अब एहसास होगा कि हिंदी हार्टलैंड में अब वह और कमजोर हुई है और अब वह विंध्य के दक्षिण में सिमटी पार्टी बन गई है।