नगरोटा में गिरफ्तार आतंकी मददगार अजान हमीद गाजी हैंडलर से सिर्फ व्हाट्सएप कॉल पर बात करता था ताकि ट्रेस न हो सके। पुलिस जांच से बचने के लिए उसने हरियाणा नंबर की कार खरीदी थी, जिसे वह टूरिस्ट वाहन की तरह इस्तेमाल करता था।
नगरोटा में हथियारों के साथ गिरफ्तार आतंकी मददगार अजान हमीद गाजी से संयुक्त जांच केंद्र (जीआईसी) में पूछताछ जारी है। हालांकि, वह बार-बार बयान बदलकर मामले की जांच को उलझाने की कोशिश कर रहा है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि गाजी कश्मीर के कमरबाड़ी का रहने वाला गाजी अपने हैंडलर के साथ ज्यादातर बात व्हाट्सएप कॉलिंग से ही करता था।
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यह सब इसलिए करता था, ताकि पकड़े जाने पर कुछ पता न चल सके। पूछताछ में यह भी पता चला है कि गाजी ने जानबूझकर हरियाणा के नंबर की कार ली थी, ताकि आने-जाने में उसे दिक्कत न हो। यह कार उसने दो वर्ष पहले ही खरीदी थी।
वह एक कुरियर के तौर पर काम करता था। जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू कई बार आता-जाता था, क्योंकि जम्मू से लेकर कश्मीर तक जम्मू-कश्मीर के नंबर वाले वाहनों की जांच ज्यादा होती है, इसलिए गाजी ने हरियाणा नंबर की कार ली, ताकि पुलिस नाके पर समझा जाए की कोई टूरिस्ट वाहन है।