भवन बनाने के नियमों में हो सकता है बड़ा बदलाव
जनरल हाउस की बैठक में होगी चर्चा, बदलाव के बाद वाणिज्य भवन में चल सकेंगी आवासीय गतिविधियां
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जनरल हाउस में शनिवार को भवन बनाने के नियमों में काफी बदलाव हो सकता है। मौजूदा समय में शर्तें पूरी कर पाना मुश्किल हो रहा है। इस कारण घरों के नक्शे पास नहीं हो रहे हैं। इससे शहर में हजारों घरों का काम रुका पड़ा है।
सबसे ज्यादा परेशानी पुराने शहर की है। इस पर पार्षद एवं हाउसिंग कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा प्रस्ताव रखेंगे। इसमें सेटबैक की शर्त ढाई मीटर से दो मीटर तक करने के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा वाणिज्य भवन में आवासीय गतिविधियां चल सकेंगी। फर्श के क्षेत्रफल के अनुपात में बदलाव लाया जाएगा। यानी एक हजार वर्ग फीट में 70 फीसदी जगह में आवास बनाने की शर्त को बढ़ाया जा सकता है।
इसके अलावा आवासीय जगहों में 20 फुट रास्ते और वाणिज्य में 40 फीट की शर्त में कमी पर प्रस्ताव रखा जाएगा। मौजूदा समय में शहर में जगह कम होने के कारण घरों का काम रुक गया है। पुराने शहर में पहले भी शर्त हटाने को प्रस्ताव पारित किए गए, मगर सिरे नहीं चढ़े। इस बार हाउस की बैठक में काफी बदलाव भवन कानूनों में लाने की तैयारी है।
इसी तरह वार्ड 74 के पार्षद शौकत अली निशानदेही के लिए प्रस्ताव रखेंगे। मौजूदा समय में नए इलाकों में पता ही नहीं है कि कौन सा इलाका शहर में है। पार्षद युद्धवीर सेठी भी लंलोई नाले के जीर्णोद्धार के बारे प्रस्ताव रखने वाले हैं। वहीं, पार्षद गौरव चोपड़ा येलो लाइन अभियान को बंद करने पर प्रस्ताव लाएंगे। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने जाने वाली टीम के अधिकारी पर कार्रवाई की मांग पर प्रस्ताव रखा जाएगा।
वार्ड 53 की पार्षद ज्योति देवी सुपरवाइजरों की मनमानी रोकने पर प्रस्ताव लाएंगी। मौजूदा समय में भवन बन गए हैं, मगर अधिकारियों ने कार्रवाई ही नहीं की है। यूईईडी की ओर से काम न होने पर भी प्रस्ताव रखा जाएगा। काम न होने पर सवाल पूछे जाएंगे। वार्ड 23 के पार्षद पवन सिंह येलो लाइन और अतिक्रमण मसले पर प्रस्ताव रखेंगे।
ट्रांसजेंडरों के लिए फीस निर्धारित करने का भी होगा प्रस्ताव
इसके अलावा शहर में ट्रांसजेंडरों के लिए फीस निर्धारित करने के अलावा मुख्य चौकों में भिखारियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्ताव पारित करेंगे। वहीं, संकेतकों में स्थानीय डोगरी भाषा में जगहों के नाम लिखने पर प्रस्ताव रखेंगे।