जम्मू। शहर में चीनी मांझे (गट्टू डोर) से शुक्रवार एक कारोबारी की मौत के बाद पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। जन्माष्टमी पर्व पर पतंगबाजी को देखते हुए पुलिस ने टीमों का गठन कर व्यापक स्तर पर छापामारी करने की तैयारी कर ली है। प्रतिबंधित गट्टू डोर से हर साल कई लोग जान गंवाते हैं जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। शुक्रवार को कासिम नगर की घटना में राजीव नगर नरवाल के रहने वाले व्यक्ति की गट्टू डोर से गला कटने के बाद मौके पर मौत हो गई थी।
इस घटना पर शहरवासियों में रोष भी है। आम लोगाें से लेकर शहर के व्यापारियों ने गट्टू डोर पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है। पतंग उड़ाने के बाद गट्टू डोर घरों की छत से गलियों और सड़कों में फंस जाती है। तेज रफ्तार वाहन चालक इसकी चपेट में आ जाते हैं। गट्टू डोर मजबूत होने के चलते आसानी से टूटती नहीं, जिससे शहर में कई लोग गला कटने से मौत के घाट उतर चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में सालाना चार से पांच मौतें हो रही हैं। पुराने शहर, तवी पुल, गुज्जर नगर समेत अन्य जगहों में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
पुराना स्टॉक बेच रहे मुनाफाखोर
चीन निर्मित सामान को लेकर पहले से ही बहिष्कार की बयार है। सूत्रों के अनुसार इसी वजह से इस बार बाजार में ज्यादातर गट्टू डोर पुराने स्टॉक की बेची जा रही है। इसकी खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक है। फिर भी पतंगबाजी के शौकीनों तक गट्टू डोर पहुंचाई जा रही है।
बाजारों में चीन निर्मित गट्टू डोर धड़ल्ले से बिक रही है। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। कई लोग जान गवां चुके हैं। पुलिस जल्द से जल्द इस गैर कानूनी कारोबार पर नकेल कसे।
- चंदन गुप्ता, अध्यक्ष, मोती बाजार एसोसिएशन
चीन निर्मित गट्टू डोर का प्रयोग करना प्रतिबंधित है। जन्माष्टमी तक पुलिस की टीमें लगातार छापा मार कर कार्रवाई करेगी। बाकायदा एफआईआर दर्ज की जाएगी।
- अमित शर्मा, डीएसपी जम्मू