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21 माह से पुरातत्व संग्रहालय में कैद हैं बापू

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पिछले 21 माह से बापू एक कमरे में कैद हैं। उन्हें लाल रंग के एक कपड़े में टेबल पर लपेट कर रखा गया है। देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले इस महान शख्सियत को दो अक्तूबर को याद किया जाएगा। लेकिन इस बार भी गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा से दीवान-ए-आम मुबारक मंडी अछूता रहेगा।
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मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार कार्य के दौरान चबूतरे से बापू की प्रतिमा को करीब दो साल पहले उठाकर अभिलेखागार पुरातत्व संग्रहालय विभाग के एक कमरे में रखा था, जो आज भी खुद के दोबारा वहां स्थापित होने का इंतजार कर रही है।

मुबारक मंडी के चबूतरे (थड़े) पर गांधी जयंती पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से बापू को याद किया जाता था। लेकिन जनवरी 2014 से इस पर लगाम लग गया।
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तब चबूतरे के जीर्णोद्धार के लिए उसे तोड़कर बापू की प्रतिमा को उक्त विभाग के एक कमरे में रखवा दिया गया। लेकिन उसके कुछ माह बाद चबूतरे का निर्माण भी रुकवा दिया गया और बापू की प्रतिमा को दोबारा वहां स्थापित करने के लिए सिर्फ इंतजार ही होता रहा है।
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मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार का कार्य वर्ष 2008 में शुरू

 मुबारक मंडी जम्मू हेरिटेज सोसायटी की देखरेख में मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार का कार्य वर्ष 2008 में शुरू किया गया था। इसमें विभिन्न सेक्शनों में 25 रिपोर्ट तैयार की गईं। तब पूरे प्रोजेक्ट की प्रस्तावित राशि 239 करोड़ रुपये रखी गई।

लेकिन लेटलतीफी के चलते आज यह राशि कई गुणा बढ़ गई है। इसमें चबूतरे का भी एक प्रोजेक्ट शामिल था। आज चबूतरे पर बापू की प्रतिमा वाला स्थल टूटे होने के कारण खंडर में बदल गया है। मौजूदा समय में रायल कोर्ट में जीर्णोद्धार का काम चल रहा है।

एसएसआई के पाइप लाइन में है प्रोजेक्ट--
मुबारक मंडी जम्मू हेरिटेज सोसायटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रोहित खजूरिया के अनुसार मुबारक मंडी के चबूतरे के जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट एएसआई के पाइप लाइन में है। उम्मीद है इस पर शीघ्र काम शुरू किया जाएगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को सम्मान के साथ रखा गया है। चबूतरे का निर्माण होने पर उसे दोबारा स्थापित किया जाएगा।
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