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कश्मीर में हताश अलगाववादियों ने हड़ताल की अवधि पांच दिन घटाई

Thu, 15 Dec 2016 11:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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घाटी में तैनात जवान - फोटो : PTI
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बंद की अपीलें बेअसर होने के बाद अलगाववादियों के हौसले पस्त हुए हैं। रसूख बचाने के लिए अलगाववादियों ने नई दलीलें देते हुए हड़ताल की अवधि घटाकर न्यूनतम कर दिया है। अब सप्ताह में पांच दिन के बजाय सिर्फ दो दिन की हड़ताल का कैलेंडर जारी किया गया है।
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नए कैलेंडर के मुताबिक अब सिर्फ शुक्रवार और शनिवार को ही पूर्ण हड़ताल की बात की गई है। सप्ताह के शेष पांच दिनों में पूरी छूट दी गई है। गौरतलब है कि आतंकी बुरहान वानी की मौत से पहले भी अलगाववादी हर शुक्रवार को बंद, हड़ताल और प्रदर्शन का आयोजन करते रहे हैं। पुराने कार्यक्रम के साथ अब सिर्फ शनिवार को ही शामिल रखा गया है।

नया कैलेंडर 31 दिसंबर तक के लिए जारी हुआ है। एक जनवरी से हड़ताल का आयोजन फिर से शुक्रवार तक ही सीमित किए जाने के आसार हैं।
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अलगाववादियों को नहीं मिल रहा जनसमर्थन

घाटी में तैनात जवान - फोटो : PTI
दरअसल आम कश्मीरियों ने अलगाववादियों के कलेंडरों को धता बताते हुए हड़ताल के दौरान भी दुकानें खोलनी शुरू कर दी थी। आम जनजीवन लगभग पूरी तरह पटरी पर लौट आया। वाहनों के आवागमन से सड़कें जाम होने लगीं।

स्कूल-कालेजों में पठन-पाठन और परीक्षाएं सामान्य दिनों की तरह चलने लगीं। बदले परिवेश में अलगाववादियों के समक्ष हड़ताल के न्यूनतम स्तर पर लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया था। 

साख बचाने के लिए अलगाववादियों ने आंदोलन को सफलता के करीब बताकर संघर्ष के दूरगामी और लंबे समय तक चलने वाले कार्यक्रमों पर मंथन की बात कही है। हुर्रियत नेता सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ नेता मोहम्मद यासीन मलिक ने संयुक्त बयान में कहा कि साप्ताहिक विरोध कैलेंडर जारी करने की जगह वे दूरगामी योजना के तहत नए तरीके से विरोध जताने का कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। 
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