बंद की अपीलें बेअसर होने के बाद अलगाववादियों के हौसले पस्त हुए हैं। रसूख बचाने के लिए अलगाववादियों ने नई दलीलें देते हुए हड़ताल की अवधि घटाकर न्यूनतम कर दिया है। अब सप्ताह में पांच दिन के बजाय सिर्फ दो दिन की हड़ताल का कैलेंडर जारी किया गया है।
नए कैलेंडर के मुताबिक अब सिर्फ शुक्रवार और शनिवार को ही पूर्ण हड़ताल की बात की गई है। सप्ताह के शेष पांच दिनों में पूरी छूट दी गई है। गौरतलब है कि आतंकी बुरहान वानी की मौत से पहले भी अलगाववादी हर शुक्रवार को बंद, हड़ताल और प्रदर्शन का आयोजन करते रहे हैं। पुराने कार्यक्रम के साथ अब सिर्फ शनिवार को ही शामिल रखा गया है।
नया कैलेंडर 31 दिसंबर तक के लिए जारी हुआ है। एक जनवरी से हड़ताल का आयोजन फिर से शुक्रवार तक ही सीमित किए जाने के आसार हैं।