कश्मीर घाटी में सीआरपीएफ ने जो किया है उससे खेल प्रेमी काफी खुश हैं, खासकर घाटी की लड़कियां। उनका कहना है कि उन्हें पहली बार सीआरपीएफ द्वारा ऐसा प्लेटफार्म मिला, जहां वे अपने हुन्नर को दिखा सकें।
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करीब पांच महीनों के बाद अब जब घाटी मे सुधार देखने को मिल रहा है तो इसे देख सीआरपीएफ युवाओं के लिए कुछ करने के उद्देश्य से ‘खेलो कश्मीर’ के नाम से फुटबाल कप का आयोजन लड़कियों और लड़कों के लिए कर रही है, जिसमें लड़कों की 30 और लड़कियों की नौ टीमों ने भाग लिया।
श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में बुधवार को आयोजित क्लोजिंग समारोह में लड़कों और लड़कियों के फाइनल मैच भी खेले गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मुख्य अतिथि थी, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों की हौसलाआफजाई की और कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे खेलकूद में भी आगे बढ़ें।
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उन्होंने कहा कि खराब हालात की वजह से हमारी बदकिस्मती रही, लेकिन भविष्य में खेलकूद के कार्यक्रमों पर पूरा जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने विजेता और रनर अप रही टीमों में इनाम भी बांटे।
फूटबाल खिलाड़ी
- फोटो : Amar Ujala
लड़कियों की विजेता टीम वुमेन कालेज की खिलाड़ी अफशान आशिक ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि कश्मीर का महौल ऐसा है कि लड़कियों के लिए किसी खेल में भाग लेना मुश्किल होता है, लेकिन उन्हें अपने अभिभावकों से पूरा सहयोग मिला और उन्होंने इस खेल को चुना, लेकिन जो उन्हें पहली बार सीआरपीएफ ने प्लेटफार्म दिया, उससे वह काफी खुश हैं और सीआरपीएफ का धन्यवाद करती हैं कि उन्होंने लड़कियों के बारे में भी सोचा, जिन्हें हमेशा नजरअंदाज किया जाता रहा।
एक और खिलाड़ी इंशा ने बताया कि वह चाहती हैं कि ऐसी प्रतियोगिताएं भविष्य में भी आयोजित की जाएं, ताकि लड़कियों को भी अपने हुन्नर को दिखाने का मौका मिले। इस अवसर पर आईजी सीआरपीएफ अतुल करवाल ने बताया कि इस पिछली बार सीनियर लड़कों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, लेकिन इस बार जूनियर के लिए। यह देख कर उन्हें अच्छा लगा कि लड़कियां भी यहां फुटबाल खेलती हैं।
उन्होंने कहा कि भाग लेने वाली सभी टीमों को इनाम और विजेता और रन्नर अप को कैश इनाम भी दिए गए, ताकि उनकी रुचि खेलो और बढ़े। आईजी के अनुसार इसको आयोजित करवाने का मुख उद्देश्य था कि बच्चे पढ़ाई और खेलकूद में ध्यान दें न कि दूसरी बुरी गतिविधियों पर।
लड़कियों में वुमेन कालेज श्रीनगर, लड़कों में आईएफसी जीती
फुटबाल मैच का दृश्य
- फोटो : Amar Ujala
लड़कियों के वर्ग में नौ टीमों में से वुमेन कालेज श्रीनगर और मैलिनसन स्कूल श्रीनगर की टीमें फाइनल में भिड़ी, जिसमें पहले तो 1-1 की बराबरी रही, लेकिन बाद में टाई ब्रेकर में वुमेन कालेज श्रीनगर ने मैलिनसन स्कूल श्रीनगर को 3-1 से हराया। लड़कों की 30 टीमें में से फाइनल में पहुंची आईएफसी नौगाम ने जेजे-7 एफसी क्लब को 2-0 से हराया।
इनामी राशि में भेदभाव
जहां एक ओर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देती हैं, लेकिन आज उनकी मौजूदगी में लड़के और लड़कियों में भेदभाव देखने को मिला। लड़कों की विजेता टीम को 30 हजार, जबकि लड़कियों को 20 हजार की राशि दी गई। लड़कों की रन्नर अप टीम को 20 हजार, जबकि लड़कियों को 15 हजार दिए गए। जब इस पर उनसे पूछा गया तो उन्होंने गोल-मोल जवाब देते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। सबके लिए बराबर के अवसर दिए जाएंगे। भविष्य में सबके लिए खेल प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी।