रियासत के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए आने वाली राहत सामग्री पर सरकार की ओर से एंट्री और टोल टैक्स में दी जा रही छूट को दस दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है, जो दस अक्तूबर तक जारी रहेगी।
उक्त फैसला बैंकिंग संस्थानों और इंश्योरेंस कंपनियों के बाढ़ के बाद के कामकाज की समीक्षा के लिए हुई बैठक के बाद लिया गया। ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में जुटे एनजीओ और अन्य संगठनों को किसी प्रकार की समस्या न हो। इससे पहले सरकार ने 30 सितंबर तक टैक्सों में छूट दी थी।
वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि बाढ़ के बाद राहत सामग्री लेकर आने वाले 738 ट्रकों को टोल और एंट्री टैक्स की छूट प्रदान की गई। उन्होंने इंश्योरेंस कंपनियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के दावों के किए गए निष्पादन की साप्ताहिक रिपोर्ट सरकार को दी जाए।
वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों के दावे को जल्द निपटने के लिए स्टाफ और मशीनों को बढ़ाया जाए, ताकि लोगों का जल्द पुनर्वास हो सके। मीटिंग में बताया गया कि अब तक आठ हजार दावे इंश्योरेंस कंपनियों के पास आए हैं।
जिनमें से 247 का निष्पादन करते हुए छह करोड़ की राशि वितरित की गई है। वित्त मंत्री ने बैंकों को घाटी और जम्मू के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अपनी गतिविधियां जल्द से जल्द शुरू करने को कहा।