एनआईए के अनुसार हेरोइन की तस्करी के साथ ही आरोपी पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के हैंडलरों के साथ विभिन्न प्लेटफार्मों पर चैट से जुड़े थे। हेरोइन की बिक्री से मिली धनराशि का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में लश्कर की गतिविधियों को बढ़ाने में किया जाता है।